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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निजी सचिव के बेटे नारायण देसाई कोमा में

7 वर्ष पहले
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नागपुर. कभी महात्मा गांधी के निजी सचिव और जीवनी लेखक रहे महादेव भाई देसाई के पुत्र और सर्वाेदयी नेता नारायण भाई देसाई इन दिनों सूरत के एक अस्पताल में िजंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।जानकारी के अनुसार नारायण भाई देसाई को सूरत के महावीर अस्पताल में मष्तिष्क की बीमारी के चलते भर्ती कराया गया था। डाॅक्टरों ने बतााया कि देसाई के मष्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया है और वह कोमा में जा चुके हैं। नारायण देसाई की उम्र 90 वर्ष बताई जा रही है।
नारायण देसाई को गांधी वाचक के रूप में ख्याति प्राप्त हैं। देसाई को साहित्य अकादमी अवार्ड, जमनालाल बजाज अवार्ड, रामजीत राम स्वर्ण पदक व मूर्ति देवी अवार्ड से सम्मनित किया जा चुका है। देसाई ने गांधी जी पर ‘मेरा जीवन ही मेरी वाणी’ नाम से चार खंड पुस्तकें लिखी हैं। स्वतंत्रता सेनानी नवकृष्ण चौधरी और मालती देवी चौधरी की पुत्री उत्तरा चौधरी से देसाई का विवाह हुआ।
पत्नी के साथ नारायण सूरत से 60 किलोमीटर दूर वेदच्चि गांव में आदिवासियों के बच्चों को पढ़ाने के लिए ‘नई तालीम’ स्कूल की स्थापना की। देसाई बचपन में खादी आंदोलन, विनोबा भावे के भूदान आंदोलन से भी जुड़े रहे। सन 1959 में देसाई ने भूमिपुत्र पत्रिका का संपादन भी किया। नारायण देसाई का जन्म सन24 दिसंबर 1924 को गुजरात के बलसर में हुआ। नारायण महात्मा गांधी के साबरमति आश्रम अपने पिता के साथ रहकर पले। इसके साथ ही नारायण वर्धा के निकट सेवाग्राम स्थित गांधी आश्रम में भी रहे। नारायण ने बचपन में ही स्कूल जाना छोड़ दिया था। उन्होंने अपने पिता से आश्रम में ही शिक्षा प्राप्त की।