नागपुर. फुटपाथ पर रहने वाले अपने जमाने के चर्चित अपराधी के लिए फुटपाथ का पत्थर ही जानलेवा शस्त्र साबित हुआ। देर रात अंबाझरी क्षेत्र में मामूली विवाद के दौरान युवक ने उसका सिर कुचल दिया। प्रकरण दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार किया गया है। मृतक रामा तुकाराम चौधरी (45) अंबाझरी टेकड़ी निवासी था। शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे के दौरान गोकुलपेठ फल मार्केट में उसका शव फुटपाथ पर पाया गया। शराब बिक्री सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे रामा की पत्नी व पुत्र ने बरसों पहले उसे छोड़ दिया है। उसने उन्हें वापस लाने की बहुत कोशिश की, परंतु वे राजी नहीं हुए।
उसके बाद क्षेत्र में रामा का जीवन ही बदल गया। घर की बजाय वह फुटपाथ पर ही रहने लगा। किसी भी दुकान में पानी भरने से लेकर अन्य छोटे-मोटे काम करने लगा। बदले में मिले पांच, दस रुपए से शराब पीकार गोकुलपेठ चौक में ही पड़ा रहता था। उसी चौक में नंदनवन झोपड़पट्टी निवासी शुभम रमेश चौरागडे (19) भी रहता है। शुभम किसी पानठेले में खर्रा घोटने का काम करता है। वह भी रामा के साथ चौक में ही किसी भी दुकान के सामने रात बिताने लगा। दोनों में पहचान भी थी।
परंतु रामा का सनकी स्वभाव होने से कई बार उनमें विवाद भी हुआ। घटना के पूर्व भी किसी बात को लेकर उनमें विवाद हुआ था। रामा ने उसे गालियां दी। तैश में आए शुभम ने फुटपाथ निर्माण कार्य में लगने वाले पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। रामा ने जगह पर ही दम तोड़ दिया।
गोकुलपेठ टू नंदनवन आरोपी का पैदल सफर
घटना के बाद शुभम घबरा गया। उसके पास रुपए भी नहीं थे। वह खून से सने कपड़ों में ही गोकुलपेठ से नंदनवन पैदल अपने घर पहुंचा और छिप गया। इस बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि घटना के पूर्व शुभम और रामा में हमेशा की तरह विवाद हुआ था। पुलिस जैसे ही शुभम के घर पहुंची, उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसे गिरफ्तार कर थाने लाया गया।
भाई की जेल में गई जान
रामा चार भाई था। अब एक ही जीवित है। बरसों पहले एक भाई की जेल में ही संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जेल में हुई मारपीट से उसकी मौत हुई।
वर्ष 2007 से कर ली अपराध जगत से तौबा
रामा अपने जमाने में चर्र्चित अपराधी था। शराब बिक्री से लेकर हर आपराधिक गतिविधियों में उसकी लिप्तता पाई जाती थी। क्षेत्र में उसके नाम की तूती बोला करती थी। परंतु वर्ष 2007 के बाद उसके खिलाफ एक भी मामला थाने नहीं पहुंचा। उसने स्वयं को सुधार लिया था।