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डाउनलोड करेंमुंबई. स्थानीय निकाय कर (एलबीटी) के मुद्दे पर थोक और रिेटेल व्यापारियों में फूट पड़ गई है। मुंबई रिटेल व्यापारी संघ के अध्यक्ष वीरेन शाह ने खुद को एलबीटी को लेकर चल रहे आंदोलन से अलग कर लिया है। उनके इस कदम से एलबीटी हटाने को लेकर व्यापारियों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को गहरा झटका लगा है।
वीरेन शाह ने शनिवार रात बताया कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। इसलिए अब आंदोलन करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। मुंबई, ठाणो, नागपुर समेत राज्य के कई शहरों में एलबीटी विरोधी कारोबार बंद के कारण आम जनता की परेशानियां बढ़ गई हैं। रोजमर्रा की वस्तुओं के साथ-साथ शादी ब्याह की तैयारियों में जुटे परिवारों को भी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई में शनिवार को कुछ इलाकों में दुकानें भी शुरू खुलनी शुरू हो गईं।
इस बीच आंदोलन की अगुवाई कर रहे संगठन फाम के अध्यक्ष मोहन गुरनानी ने कहा है कि एलबीटी हटने तक आंदोलन जारी रहेगा। मुंबई में अब तक एलबीटी लागू नहीं किया गया है लेकिन बाद में इसे लागू होने के डर से होलसेल व खुदरा व्यापारी भी इसका विरोध कर रहे हैं। वैसे मुंबई महानगरपालिका की तरफ से शनिवार को तमाम अखबारों में विज्ञापन जारी करके कहा गया कि एलबीटी का विरोध बेवजह है। इससे सिर्फ बड़े व्यापारी प्रभावित होंगे।
छोटे व्यापारियों को कर नहीं अदा करना पड़ेगा। ठाणो और नाशिक से मिली खबरों के अनुसार वहां कारोबार पूरी तरह ठप्प है। मुंबई में ज्यादातर प्रमुख बाजार बंद हैं लेकिन दादर, परेल व कुछ उपनगरों में कारोबार जगत में थोड़ी हलचल है। सूत्रों के अनुसार व्यापारियों में सरकार के प्रति काफी गुस्सा है लेकिन कई दिन लगातार दुकानें बंद होने से सब परेशान हैं।
इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तरफ से दादर व आसपास के इलाकों में संरक्षण दिया गया ताकि वे अपनी दुकानें खोल सकें।
जवेरी बाजार के गणोश मंदिर में व्यापारियों ने एक यज्ञ का आयोजन कर भगवान से सरकार को सदबुद्धि देने की मांग की। भास्कर से बातचीत में फाम अध्यक्ष गुरनानी ने कहा कि कई शहरों में सरकार के रवैये के विरोध में व्यापारियों ने रक्तदान शिविरों का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि जब तक एलबीटी नहीं हटता तब तक बंद जारी रहेगा।
शादी ब्याह की तैयारियां ठप्प
रोजमर्रा की चीजों को खरीदने के लिए एक तरफ आम जनता परेशान है तो दूसरी तरफ शादी ब्याह के मौसम को देखते हुए हजारों परिवारों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। कपड़ों व जेवरों की खरीद पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। अनाज की खरीद भी ठप्प पड़ी है। नई मुंबई के थोक बाजार में अनाज से भरे सैकड़ों ट्रक खड़े हैं। हालत यह है कि ड्राइवरों व क्लीनरों को भोजन व चाय भी नसीब नहीं हो रही है।
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