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डाउनलोड करेंनागपुर। माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव विकास के मुद्दों पर लड़ा जाएगा। लेकिन विकास की इस राजनीति में नागपुर और रामटेक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं। दोनों ही संसदीय क्षेत्रों में विकास के कई कार्य अधूरे हैं या फिर शुरू ही नहीं हुए। जबकि मुख्य रुप से जन को सीधे प्रभावित करने वाले कार्य इसके अंतर्गत पूरे हो सकते थे।
प्रस्ताव भेजने में विलंब : जानकारी में यह भी खुलासा हुआ है कि नागपुर और रामटेक निर्वाचन क्षेत्र में सांसद निधि से होने वाले विकास कार्यों की गति काफी धीमी रही है। शुरुआती दो वर्ष तक विकास कार्य का कोई प्रस्ताव ही पेश नहीं किया गया। बाद में प्रस्ताव तैयार होने लगे और कार्यों को मंजूरी मिलने लगी।
लेकिन अधूरी राशि मिलने से काम भी अधूरे ही रहे। विडंबना है कि करोड़ों की राशि जहां तिजोरी में जमा है, वहीं करोड़ों की राशि केंद्र की ओर से जारी ही नहीं की गई। इस तरह विकास पर दोहरी मार पड़ी। वजह, संबंधित जनप्रतिनिधि द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव विलंब से भेजना है।
लगने वाली है आचार संहिता
आगामी महीनों में लोकसभा चुनाव की आचारसंहिता लगनी है। इससे पहले प्रस्ताव मंजूर होने आवश्यक हैं। वरना करोड़ों की निधि सरकारी तिजोरी में जमा रह सकती है। इससे बड़े पैमाने पर विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रति वर्ष सांसदों को विकास निधि के रूप में पांच करोड़ रुपए दिए जाते हंै। इसे दो चरणों में जारी किया जाता है।
राज्यसभा सदस्यों के भी वही हाल
नागपुर जिले से राज्यसभा सदस्य कांग्रेस के अविनाश पांडे को केंद्र से अब तक 9.98 करोड़ मिले हैं। 4.89 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी मिली है, जबकि 3.69 करोड़ जारी हुए हैं। अजय संचेती को केंद्र से 7.50 करोड़ जारी हुए है। इसमें नागपुर जिले में 5.50 करोड़ के कार्य और बाहरी जिले में 3.21 करोड़ के कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। कुल 8.71 करोड़ के कार्य मंजूर हुए।
प्रशासनिक प्रक्रिया : मुत्तेमवार
अटके कार्य और निधि मंजूर नहीं होने पर सांसद विलास मुत्तेमवार ने कहा कि यह प्रशासनिक प्रक्रिया है। प्रशासन सभी बातों की पड़ताल करने के बाद ही निधि जारी करता है। अनेक कामों के लिए एनओसी जरूरी होती है, लेकिन समय पर नहीं मिल पाती है। उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं देने से भी निधि मिलने में देरी होती है। कई लोग निधि मांगने आते हैं पर सभी को नहीं दे सकते। आवश्यक और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कार्यों को निधि दी जाती है। निधि जारी करना केंद्र सरकार का काम है।
नागपुर लोकसभा
सांसद विलास मुत्तेेमवार को पौने पांच वर्ष में 12.73 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ने जारी किए हैं। इसमें से 1.23 करोड़ रुपए पुराने कार्यकाल के हैं। प्राप्त निधि में से 11.64 करोड़ रुपए के कार्य को मंजूरी प्रदान की गई व 8.66 करोड़ कार्य के लिए जारी किए गए। मंजूरी के लिए एक करोड़ के विकास कार्य की फाइल जिलाधिकारी के टेबल पर रखे होने की जानकारी है। विशेष यह कि वर्ष 2012-13 के दूसरे चरण के 2.50 करोड़ रुपए अब तक जारी नहीं हुए। वर्ष 2013-14 के 5 करोड़ अब भी अटके हैं। कुल 7.50 करोड़ मिलने बाकी है।
रामटेक लोकसभा
यही स्थिति रामटेक के सांसद मुकुल वासनिक की है। केंद्र में वजन रखने वाले सांसद वासनिक को पौने पांच वर्ष में केंद्र सरकार से 12.73 करोड़ मिले। गत कार्यकाल के 1.19 करोड़ मिले। 12.18 करोड़ के कार्य को मंजूरी प्रदान की है। कार्य के लिए 9.89 करोड़ रुपए जारी हुए हैं। अभी-अभी 1.28 करोड़ की फाइल आयी है। मंजूरी नहीं मिली। यहां भी वर्ष 2012-13 के दूसरे चरण के 2.50 करोड़ नहीं मिले हैं। वर्ष 2013-14 के पूरे 5 करोड़ अटके हैं। कुल 7.50 करोड़ मिलने की उम्मीद है।
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