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डाउनलोड करेंनागपुर. मनपा के खजाने को स्वयं मनपा अधिकारी ही लूट रहे हैं। अब तक मनपा के अधिकारियों ने करोड़ों रुपए लूटे हैं। इस आशय की उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के समक्ष जनहित याचिका पेश की गई है। याचिका पर न्यायमूर्ति भूषण धर्माधिकारी व अरुण चौधरी की संयुक्तपीठ ने राज्य सरकार तथा मनपा आयुक्त को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इन प्रतिवादियों से याचिका के संबंध में 26 जून तक शपथ-पत्र पर जवाब-तलब किया है।
यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता संदीप अग्रवाल तथा विजयकुमार जैन ने दायर की है। प्रस्तुत याचिका में बताया गया है कि मनपा अधिकारी चुंगी चोरी पकडऩे वाले इनाम की राशि का अवैध तौर पर गबन कर यह लूट मचा रहे हैं। याचिका में बताया गया है चुंगी कानून के तहत चुंगी चोरी की सूचना देने वाले व्यक्ति तथा चुंगी चोरी पकडऩे में साहस का परिचय देने वाले अधिकारी को वसूली गई चुंगी की रकम की दस प्रतिशत राशि बतौर इनाम दी जानी चाहिए।
मनपा अधिकारियों ने इस कानून के अर्थ का अनर्थ कर चुंगी चोरी के प्रत्येक मामले में वसूली गई राशि की दस प्रतिशत इनाम की रकम को अलग निकालना शुरू कर दिया एवं इनाम की इस राशि को स्वयं में ही बांटना शुरू कर दिया। याचिका के अनुसार सन् 2005 से सन् 2012 के दौरान इन अधिकारियों ने अवैध तौर पर इनाम की करोड़ों रुपए की राशि को हजम किया है।
करोड़ों रुपए की इस राशि का गबन मनपा उपायुक्त से लेकर चुंगी विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक ने बराबरी के हिस्से में किया है, चूंकि इस राशि को वे आपस में बांटते हैं। याचिका के अनुसार मनपा के पूर्व उपायुक्त रामटेके, फिलिप्स, चुंगी विभाग के अधीक्षक मिलिंद मेश्राम आदि ने अवैध तौर पर इनाम की राशि के लाखों रुपए लूटे हैं। याचिकाकर्ता ने इनाम की राशि के इस गबन की उच्च स्तरीय जांच करने तथा अधिकारियों से इनाम की राशि की वसूली किए जाने के आदेश देने की प्रार्थना अदालत से की है। साथ ही इनाम की इस राशि पर डाका डालने वाले अधिकारियों के विरुद्ध योग्य कानूनी कार्रवाई करने के आदेश देने की भी प्रार्थना अदालत से की है।
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