नागपुर. चौथी पास मंत्री को क्या प्रभारी कुलपति के पद पर नियुक्त किया जा सकता है? नागपुर विद्यापीठ के प्रभारी कुलगुरु की नियुक्ति के विवाद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी नागपुर हाइकोर्ट ने की। नाम लिए बगैर अदालत ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री एवं अन्य मंत्रियों का उदाहरण देते हुए उपरोक्त सवाल कुलाधिपति से किया। गुरुवार को याचिकाकर्ता ने अनूप कुमार को प्रभारी कुलगुरु पद के लिए अयोग्य होने की दलील दी। दूसरी तरफ कुलाधिपति की ओर से अनूप कुमार की नियुक्ति योग्य होने का दावा करते हुए कहा गया कि नियमानुसार कुलाधिपति को आपात परिस्थिति में किसी भी योग्य व्यक्ति को प्रभारी कुलगुरु नियुक्त करने का अधिकार है।
कार्यालयीन समय समाप्त हो जाने तक सभी पक्षों की दलीलें पूरी नहीं हो पाई। अत: अदालत ने याचिका की सुनवाई बुधवार 24 सितंबर के लिए स्थगित कर दी। यह याचिका गुरुदास कांबली ने दायर की है। याचिका में बताया गया है कि डाक्टर विलास सपकाल द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के बाद से कुलगुरु का पद रिक्त पड़ा है। कार्यकारी कुलगुरु के रूप में विभागीय आयुक्त अनूप कुमार को नियुक्त किया गया है। नियमानुसार विद्यापीठ में स्थायी कुलगुरु होना आवश्यक है। इस वजह से प्रतिवादी पक्ष को स्थायी कुलपति नियुक्त करने के आदेश देने की प्रार्थना याचिकाकर्ता ने अदालत से की है।