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जेल पहुंचे उप महानिरीक्षक नहीं ली सलामी सुनाई खरी खोटी

7 वर्ष पहले
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नागपुर. मध्यवर्ती कारागृह को लेकर पिछले कई दिनों से चर्चाएं हो रही हैं। जेल से फोन कर फिरौती मांगने की घटना को गृह मंत्रालय ने काफी गंभीरता से लिया और अचानक जेल उप महानिरीक्षक शशिकांत शिंदे गुरुवार को मध्यवर्ती कारागृह पहुंच गए।
यहां पहुंचते ही शिंदे को अजीब स्थिति से सामना करना पड़ा, जेल अधीक्षक ही गायब थे। प्रोटोकाल के अनुसार, उनकी मौजूदगी जरूरी थी। अधिकारियों- कर्मचारियों में खलबली मची रही। उपमहानिरीक्षक शिंदे ने जेल से फरार कैदी, जेल में मिलने वाले मोबाइल फोन की घटनाओं को लेकर खरी खोटी सुनाई।
जेल से धमकी : मंत्रालय गंभीर

बुधवार को मध्यवर्ती कारागृह में हत्या की सजा काट रहे कैदी सूरज अरखेल फरार हो गया। बताया जाता है कि उसकी प्रेमिका मोहन नगर में रहती थी। वह जिस समय जेल से भागा उस समय उसकी प्रेमिका उसके बाहर आने का इंतजार कर रही थी। कहा जाता है कि सूरज ने अपनी प्रेमिका को जेल से मोबाइल फोन कर भागने की पूरी योजना बनाई थी। इस प्रकरण की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कानों तक पहुंचते ही गुरुवार को उपमहानिरीक्षक शिंदे ने मध्यवर्ती कारागृह का दौरा किया।
बताया जाता है कि जेल में पहुंचने के बाद उपमहानिरीक्षक शिंदे ने सुबह 11 बजे पहुंचने के बाद जब जेल के कर्मियों ने उन्हें सलामी देने का प्रयास किया। तब उन्होंने सलामी लेने से इनकार करते हुए जेल अधीक्षक के जेल से बाहर जाने के बारे में पूछताछ की। प्रोटोकाल के अनुसार जब कोई वरिष्ठ अधिकारी जेल का दौरा करता है तब उसे जेल अधीक्षक प्रवेश द्वार पर अगवानी कर अंदर ले जाता है, लेकिन उस समय जेल अधीक्षक वैभव कांबले उपस्थित नहीं थे।