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डाउनलोड करेंनागपुर। नागपुर रेलवे स्टेशन मार्ग पर गणेश टेकड़ी के सामने एमपी बस स्टैंड के वर्कशाप में बस के नीचे दब जाने से हेल्पर (क्लीनर) की मौत हो गई। मृतक का नाम महाराजसिंह रेवाराम चंदेल (42) खमारिया, सागर मध्यप्रदेश निवासी है। घटना शुक्रवार को दोपहर करीब 1.45 बजे हुई। घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार महाराजसिंह चंदेल मध्यप्रदेश की सागर-छिंदवाड़ा के बीच चलने वाली निजी टैवल्स बस क्रमांक एमपी 09 एफए- 2118 में हेल्पर था। शुक्रवार की सुबह करीब 7.30 बजे महाराजसिंह नागपुर पहुंचा।
दोपहर करीब 1.30 बजे भोजन करने के बाद हाराजसिंह एमपी बस स्टैंड के वर्कशाप में खड़ी बस की मरम्मत कर रहा था। उसका बस चालक पप्पू उर्फ हरपालसिंह ठाकुर (40) कर्रापुर मध्यप्रदेश निवासी बस के अंदर सोया हुआ था। महाराजसिंह की बस के सामने दोपहर करीब 1.30 बजे ट्रैवल्स बस क्रमांक एमपी 19 डी-8060 आकर रुकी। बस का कंडक्टर राजकुमार शर्मा बस से उतरकर सीताबर्डी में दाढ़ी बनाने चले गया। इस बीच उनकी बस का चालक मंजू उर्फ रामनारायण ने बिना कंडक्टर के ही बस को रिवर्स लिया।बस महाराजसिंह की खड़ी बस क्रमांक एमपी 09 एफए- 2118 को बस क्रमांक एमपी 19 डी -8060 का पिछला हिस्सा जा टकराया
, जिससे महाराजसिंह की बस पीछे की ओर सरक गई। महाराजसिंह जोर से चिल्लाया। उसने बचने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बस का पहिया उसे रौंद चुका था। हालांकि बस के पीछे लुढ़कने के समय उसने पूरी ताकत से आवाज लगाई। उसकी चीख सुनकर बस में सो रहा बस चालक पप्पू जाग गया। उसने जब नीचे कूदकर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी बस का हेल्पर महाराजसिंह के सिर से बस का पहिया कुचलते हुए पीछे गड्डï में जाकर रुक गई।
उसके बाद आरोपी बस क्रमांक एमपी 19 डी- 8060 का चालक मंजू उर्फ रामनारायण बस घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद वहां भीड़ जुट गई। उसके बाद सीताबर्डी थाने के पुलिस उपनिरीक्षक जयेंद्र भोयर सहयोगियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने शव का पंचनामा कर लाश पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने बिना बस कंडक्टर के बस को रिवर्स लेने वाले बस चालक मंजू के खिलाफ मामला दर्ज किया है। देर रात तक आरोपी बस चालक मंजू को गिरफ्तार नहीं किया गया था।
सरकारी वर्कशाप की जगह पर निजी बस अड्डा
नागपुर से मध्यप्रदेश राज्य परिवहन की बसें बंद हो जाने से एमपी बस स्टैंड की जगह तो सूनी पड़ गई है, लेकिन बस स्टैंड से लगे वर्कशाप की जगह निजी ट्रैवल्स बसों का अड्डा बन गया है। पुलिस उपनिरीक्षक भोयर से पूछे जाने पर कि सरकारी बस स्टैंड पर निजी बसों का पार्किंग क्यों हो रही है तो उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जाएगी। पता चला है कि इस जगह को किसी बाबाभाई ने ठेके से लिया है। सूत्रों की मानें तो ठेके की समयावधि समाप्त हो चुकी है। उसके बाद भी बाबाभाई का रुतबा बरकरार होने की चर्चा है।
बाबाभाई का किसी जमाने में सीताबर्डी में टैक्सियों का सबसे बड़ा कारोबार चलता था। टैक्सियों का कारोबार बंद कर बाबाभाई मध्यप्रदेश की निजी ट्रैवल्स बसों को एमपी वर्कशाप की जगह पर पार्किंग की जगह मुहैया कराई। इसके लिए करीब 200 से 300 रुपए चंद घंटों की पार्किंग के लिए किराया वसूला जाता है। वर्कशाप से निकलने वाली बसें मॉडेल कॉलेज के सामने खड़ी होकर यात्रियों का इंतजार करती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।
इनके खिलाफ यातायात पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। चर्चा यह भी है कि एमपी बस स्टैंड को बंद करने का ग्रहण इन्हीं निजी ट्रैवल्स बसों के चलते लगा। उस समय जब गणेश टेकड़ी मंदिर के सामने उड़ानपुल नहीं बना था। तब निजी टैवल्स बस वाले अपनी बसें एमपी और एसटी बस स्टैंड के सामने खड़ी कर देते थे, जिससे सरकारी बसों में सफर करने के बजाय लोग निजी टै्रवल्स बसों में करते थे।
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