नागपुर. जिले के चुनावी मैदान में पुराने चेहरे दांव आजमाने को तैयार हैं। 2009 के विधानसभा चुनाव में यहां काफी उलटफेर हुआ था। दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा था। इस बार सभी प्रमुख दल उम्मीदवार देने के मामले में काफी मशक्कत कर रहे हैं। ऐसे में पुराने नेताओं को कितना महत्व मिल पाता है, यह समय बताएगा। गौरतलब है कि नागपुर जिले में दो लोकसभा क्षेत्र हैं। शहरी क्षेत्र नागपुर व ग्रामीण क्षेत्र रामटेक लोकसभा में आता है।
शहर व ग्रामीण में 12 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में भाजपा-सेना युति के तहत शहर में शिवसेना को 1 और ग्रामीण में 2 स्थानों पर लडऩे का मौका मिला था। शिवसेना 2 स्थान पर हार गई थी। भाजपा में नगरसेवक व जिला परिषद की राजनीति के कार्यकर्ता एकाएक उभरे थे। मंत्री रहे सतीश चतुर्वेदी, अनीस अहमद और रमेश बंग को करारी मात मिली थी। कृष्णा खोपडे, विकास कुंभारे, विजय घोडमारे, सुधीर पारवे भाजपा की टिकट पर जीते।
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