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राष्ट्रीय छात्र संसद में पहुंचे चेतन भगत, दुर्जोय दत्त व डायना हेडन

7 वर्ष पहले
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नागपुर। राष्ट्रीय छात्र संसद हालांकि राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है फिर भी इस मंच से युवाओं को राजनीति में आने की अपील जरूर करुंगा, फिर चाहे वह दल भाजपा हो, कांग्रेस हो या फिर आम आदमी पार्टी, वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े, लेकिन राजनीति में जरूर आएं। ये कथन भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन गडकरी ने हिंगणा स्थित रायसोनी अभियांत्रिकी महाविद्यालय के सभागृह में राष्ट्रीय छात्र संसद के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।

मंगलवार से देश के पहले दो दिवसीय राष्ट्रीय छात्र संसद का अनावरण हुआ जिसमें जानेमाने लेखक चेतन भगत, दुर्जोय दत्त, डायना हेडन विशेष तौर से इस संसद में युवाओं से चर्चा करने के लिए पहुंचे। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर सांसद अजय संचेती, नागपुर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विलास सपकाल और रायसोनी समूह के अध्यक्ष सुनील रायसोनी, सीनेट सदस्य शोभना रायसोनी भी विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए नितीन गडकरी ने आगे कहा कि आज के युवाओं के लिए आत्मविश्वास और सकारात्मक वर्ताव बेहद जरूरी है।

दुनिया केवल उनके आगे झुककती है जो दुनिया को झुकाना जानते हैं। बौद्धिक लोग राजनीति में नहीं आना चाहते। लेकिन वे राजनीति में अपने सकारात्मक सोच की वजह से सफल हो पाए क्योंकि उन्होंने पुणे व मुंबई सी-लिंक जैसे बड़े फ्लाईओवरों को ढाई माह के सीमित कालखंड में पूरा करके दिखाया।

किसी गीत को गुनगुनाने जैसा
भारत के जानेमाने उपन्यास लेखक दुर्जोय दत्ता ने भारतीय सरकारी कामकाज की पद्धति का उदाहरण खुद के जीवन के अनुभव को देते हुए कहा कि दिल्ली में यदि समय पर फ्लाईओवर पूरा हो गया होता तो उन्हें जरूर आईआईटी में पढऩे का मौका मिल जाता। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने शौक को केवल सुरक्षित कैरियर पाने की लालसा में नहीं छोडऩा चाहिए। चौदह, पंद्रह वर्ष की उम्र में कैरियर को चुनना जीवन भर किसी एक गीत को गुनगुनाने जैसा है।