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घरेलू कलह से परेशान सिपाही ने खुद को मारी गोली,अधिकारी के बंगले पर था तैनात

7 वर्ष पहले
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नागपुर. घरेलू कलह में एक पुलिस सिपाही ने एसएलआर बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक सोनू शिवदास पारखे (27) है। घटना सदर थाने से कुछ दूरी पर विशेष पुलिस शाखा के उपायुक्त विजय पवार के बंगले पर सुबह करीब 10 बजे हुई। मई माह में ही सोनू की शादी हुई थी।
ठुड्डी के नीचे रख कर चलाई गोली
सूत्रों के अनुसार पुलिस लाइन टाकली स्थित लाल बिल्डिंग नंबर 4 में पुलिस सिपाही सोनू पारखे पत्नी भावना पारखे के साथ रहता था। वह मूलत: यवतमाल का रहने वाला था। मई 2014 में सोनू और भावना की शादी हुई थी। रोजाना की तरह सोमवार को सुबह करीब 9 बजे सोनू मोटरसाइकिल से ड्यूटी के लिए निकला और उपायुक्त पवार के बंगले पर पहुंचा। उस समय वहां दूसरा पुलिस सिपाही एन. आडे गार्ड ड्यूटी पर था। आडे किसी काम से बाहर चला गया। उसके बाद सोनू तंबू में गया और अपनी एसएलआर (सेल्फ लोडिंग राइफल) बंदूक को ठुड्डी के नीचे रखकर गोली चला दी।
गोली उसके सिर को चीरते हुए तंबू से बाहर निकल गई। उसके सिर के लोथड़े तंबू के अंदर और बाहर बिखर गए। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाने के निरीक्षक जी. राठोड़ सहयोगियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सोनू का शव जमीन पर पड़ा था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए मेयो अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
30 गोलियां निकलती हैं
सूत्रों ने बताया कि जिस एसएलआर से सोनू ने खुद को गोली मारी, उसमें 30 राउंड होते हैं। यह ऐसी बंदूक है, जिसमें एक राउंड चलने पर दूसरा राउंड लोड करने की जरूरत नहीं होती है। गोली स्वत: लोड हो जाती है। इसमेंं 7.६2 एमएम की गोलियां लगती हैं। सोनू की मौत पर उसके पड़ोसियों का कहना था कि सोनू और उसकी पत्नी बेहद खुश थे। वे दोनों अक्सर घूमने-फिरने भी जाया करते थे। हालांकि दोनों ज्यादा किसी से बातें नहीं करते थे। पता चला है कि सोनू के साथ आडे और एक अन्य जवान गार्ड ड्यूटी पर थे। इन्हें करीब 12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती है। घटना के समय वह ड्यूटी पर अकेला था।

जेब से मिला सुसाइड नोट
सोनू ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट लिखा, जो उसकी जेब से बरामद हुआ है। उसमें पत्नी से अनबन चलने का जिक्र है। सोनू पिछले कुछ माह से श्री पवार के बंगले पर गार्ड ड्यूटी पर तैनात था। बताया जाता है कि जिस समय घटना हुई, उस समय श्री पवार घर से कार्यालय के लिए निकले थे। गोली चलने की आवाज सुनकर वे गेट के बाहर से वापस लौटकर पहले गार्ड रूम में जाकर देखे, क्योंकि तंबू से धुआं निकल रहा था। वहां सोनू खून से लथपथ जमीन पर मुंह के बल गिरा पड़ा था। वह वर्ष 2011 में पुलिस सेवा में भर्ती हुआ था। सोनू का परिवार यवतमाल में रहता है। उसका छोटा भाई पानठेला चलाता है। सोनू के सहयोगी आडे का कहना है कि वह 15 दिनों से खामोश रह रहा था।
(इसी बंदूक से सिपाही ने की आत्महत्या)