नागपुर। नागपुर-जबलपुर महामार्ग पर देवलापार के पास शनिवार की रात हुई दो करोड़ रुपए की लूट का महज दो घंटे में ही पर्दाफाश हो गया। इसके साथ ही 1 करोड़, 46 लाख रुपए जब्त भी कर लिए गए। घटना के तार हवाला कारोबार से जुड़े होने का संदेह है। इस बीच देवलापार थाने में प्रकरण दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। परेश महेंद्र भीमजीयानी, टी.टी.शेणॉस नामक सुपारी व्यापारी की फर्म में प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं।
शनिवार की रात करीब नौ बजे वह अपनी तीन महिला कर्मचारियों के साथ जबलपुर से कार क्र.एमएच 31 डीके. 7135 से शहर लौट रहे थे। उस दौरान देवलापार क्षेत्र के मोरफाटा के पास पीछे से कार में आये चार युवकों ने परेश का वाहन रोक लिया। सभी को कार से उतार दिया गया। पत्थर से परेश को जख्मी कर कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। उसके बाद आरोपी परेश की भी कार ले भागे। कुछ दूर जाने के बाद आरोपियों ने नोटों से भरी दो बोरियां अपनी कार में रखीं। इस बीच आरोपियों की कार पंक्चर होने से उन्होंने चक्का भी बदला। इसके अलावा कामठी से भी दूसरी कार मंगवाई गई। लिहाजा मनसर टोल नाके पर सादे कपड़ों में खड़े सिपाही उमेश ठाकरे को कार क्र.एमएच 27 एच 5984 की नंबर प्लेट टूटी हुई दिखी। ठाकरे ने जब इस संबंध में चालक शेख यासीन उर्फ राजू शेख नजीर से पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उसने दोपहर को उसी टोल नाके से तीन सवारियों को ले जाने की जानकारी दी। उन सवारियों के संबंध में भी राजू ठीक तरह से नहीं बता पाया।
गणतंत्र दिवस का मौका होने से सिपाही का राजू पर संदेह गहराता गया, जिसके चलते उसने आला अधिकारियों को उसने इसकी जानकारी दी। उधर परेश भी देवलापार थाने पहुंचा और उक्त सनसनीखेज वारदात की शिकायत दर्ज कराई। मामला करोड़ों की लूट का होने से महकमे में हड़कंप मच गया। आखिरकार पुलिस की पूछताछ के आगे राजू अधिक देर तक टिक नहीं सका और उसने लूट की बात स्वीकार कर ली। उसके बाद आरोपी शेख अफसर उर्फ अस्सू शेख सतार, मोहम्मद नौशाद मोहम्मद नवाब दोनों राजीव गांधीनगर और मोहम्मद हारुन रशीद अब्दुल हमीद कामठी निवासी को गिरफ्तार किया गया है। अपने कार्यालय में हुई पत्र परिषद में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ.मनोज कुमार ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़, 46 लाख रुपए की नकदी व वाहन जब्त किया गया है। आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी मामूली आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पानठेले पर मिली टिप
चारों आरोपी मित्र हैं। संजय गांधीनगर की एक पान टपरी पर उनका आना-जाना था। वहीं पर एक ऑटो चालक भी अपने मित्र के साथ आता था, जो कि व्यापारी के कारोबार से अवगत थे। उन्होंने ही आरोपियों को टिप दी। आरोपी हारुन और शेख अफसर पहले स्टार बस में कंडक्टर थे। कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। फिलहाल वे बेरोजगार हैं। लालच के चलते वे भी इसमें शामिल हो गए।
हवाला का संदेह
संदेह है कि लूटी गई रकम हवाला कारोबार से जुड़ी है। हालांकि इस संबंध में पुलिस ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, परंतु इस दिशा में भी जांच करने के उन्होंने संकेत दिये हैं। फिलहाल जब्त रकम बिक्रीकर विभाग को सौंप दी गई है। बाकी रकम की बरामदगी की कोशिश की जा रही है। पत्र परिषद में उपाधीक्षक प्रकाश जाधव, निरीक्षक राजन पाली, उपनिरीक्षक अरविंद सराफ मौजूद थे। कार्रवाई हृदयनाथ यादव, दिनेश लबडे, महेश कोंडावार, रवि ठाकुर, संजय पारडवार, मुदस्सर, प्रमोद बंसोड, सुरेश गिते, मंगेश डांगे, अजय तिवारी, चेतन राऊत, दिलीप कुसराम, और सचिन शर्मा ने की।
प्रेमिका के घर में रखी लूट की रकम
यासीन को छोड़कर अन्य तीन आरोपियों के मकान अवैध कब्जे के कारण तोड़ दिये गये हैं। लूट की रकम रखने के लिये कोई और सुरक्षित जगह नहीं होने से अफसर ने यह रकम अपनी प्रेमिका के घर में छुपाकर रखी थी। उन्हें रकम दो करोड़ रुपए होने का भी अनुमान नहीं था। जब पुलिस ने रुपए गिने तब उन्हें दो करोड़ रुपए होने का पता चला।