नागपुर. डेंगू-मलेरिया के आंकड़े राज्य में भयावह स्थिति पेश कर रहे हैं, लेकिन चोरी-छुपे टीबी (क्षय रोग) इन आंकड़ों को मात दे रही है। राज्य में जनवरी से सितंबर तक 5 हजार 886 मौतें सिर्फ टीबी से होने का खुलासा हुआ है। यह खुलासा सरकार के आंकड़ों ने किया है। हालांकि सरकार अब भी यह मानकर चल रही है कि राज्य में क्षय रोग का अधिक प्रभाव नहीं है। वह नियंत्रण में है। ऐसे में सरकार के जवाब पर ही आश्यर्च व्यक्त किया जा रहा है।
10 हजार से अधिक महिलाएं
राज्य सरकार के अनुसार जनवरी से मार्च तक 34,731, अप्रैल से जून तक 34,627 और जुलाई से सितंबर तक 33,157 मरीज टीबी से प्रभावित मिले। कुल 1 लाख 2 हजार 545 मरीज मिले। इसमें 10 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हैं। प्रभावित मरीजों में से 5 हजार 886 मरीजों ने सितंबर तक दम तोड़ा है। सरकार ने इस मामले में अपनी सफाई दी है। स्वास्थ्य विभाग अनुसार, फिलहाल राज्य में क्षय रोग प्रादुर्भाव जैसी कोई स्थिति नहीं है। इसकी जांच शुरू है। राज्य में क्षय रोग नियंत्रण करने के लिए सुधारित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम सभी जिलों व महानगरपालिका में चलाया जा रहा है।
1471 सूक्ष्मदर्शी केंद्र
कार्यक्रम अंतर्गत टीबी रोगियों के लिए 1471 सूक्ष्मदर्शी केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में क्षय रोग की पुष्टि होने पर औषधोपचार देने के लिए 38 हजार 517 डॉट प्रोवाइडर्स कार्यरत हैं। सभी रोगियों की प्रयोगशाला में जांच व औषधि मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। सुधारित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत निधि के अलावा वर्ष 2013-14 में
51.92 करोड़ निधि खर्च की गई है। चालू वर्ष में 75.56 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ने मंजूर किए हैं।