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वर्धा में एक ही निर्वाचन क्षेत्र से पिछले 50 वर्षों में बनीं सिर्फ दो महिलाएं विधायक

7 वर्ष पहले
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(1972, 1985, 1995 में कांग्रेस की उम्मीदवार प्रभा राव विजयी)
वर्धा. वर्धा जिले के चार विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में कई महिला प्रत्याशी में मैदान में उतरी, लेकिन 50 वर्षों में सिर्फ प्रभा राव तथा सरोज काशीकर ही विधायक बन पाई हैं। खास बात यह है कि दोनों महिलाएं एक ही निर्वाचन क्षेत्र देवली-पुलगांव निर्वाचन क्षेत्र से अलग-अलग चुनाव में विजयी हुई थीं। देवली-पुलगांव विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में वर्ष 1972 के चुनाव में पहली बार कांग्रेस की उम्मीदवार प्रभा राव विजयी हुई थीं। उन्हें 40,499 वोट मिले थे। 10 वर्षों तक विधायक रही प्रभा राव को माणिक सबाने ने वर्ष 1980 में पराजित किया था। इसके बाद वर्ष 1985 में पुन: प्रभा राव विजयी हुईं।
वर्ष 1948 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद देश में शोक की लहर फैल गई थी। चुनाव में महिला नेतृत्व के तौर पर जनता ने प्रभा राव को विजयी बनाया था। वर्ष 1990 और वर्ष 1995 के चुनाव में देवली-पुलगांव निर्वाचन क्षेत्र में दो महिलाओं के बीच आमने-सामने का मुकाबला था। वर्ष 1995 में पुन: प्रभा राव ने जीत हासिल कर कांग्रेस का परचम लहराया था। जिले के आर्वी, वर्धा व हिंगणघाट निर्वाचन क्षेत्र की जनता ने महिला उम्मीदवारों को कभी महत्व नहीं दिया।
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