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ये है पहली बोलती फिल्म की एक्ट्रेस, इनकी फिल्म के लिए लोगों ने खाई लाठियां

5 वर्ष पहले
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मुंबई. अपने लिव इन पार्टनर और पूर्व टेनिस प्लेयर लिएंडर पेस संग चल रहे डोमेस्टिक वायलेंस केस को लेकर मॉडल रिया पिल्लई इन दिनों सुर्खियों में हैं। रिया पेस से एक करोड़ का मुआवजा चाहती हैं। लेकिन गलती से उनकी याचिका में एक करोड़ की जगह 10 लाख रुपए हो गया है। बता दें कि रिया, का नाता गुजरात के एक बड़े राजघराने से है। उनकी नानी जुबैदा धनराजगिर भारतीय सिनेमा की पहली बोलती फिल्म की एक्ट्रेस थी। जुबेदा की मां फातिमा बेगम भी मूक फिल्मों की एक्ट्रेस थीं। जुबैदा की फिल्म देखने पहुंचे दर्शकों को खानी पड़ती थी पुलिस की लाठियां। एक जीरो ने ऐसे बदल दिया रिया का खेल... 

- बता दें कि, रिया और लिएंडर की एक 10 साल की बेटी है। रिया ने पेस को एक लापरवाह पिता बताते हुए कोर्ट से एक करोड़ रुपए के सेटलमेंट की मांग की है। 
- लेकिन उनकी वकील गुंजन मंगला और अमना उसमान की एक गलती से कोर्ट में मुआवजे की राशि कम हो गई है। बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट उन्होंने अपनी याचिका में एक करोड़ लिखने के दौरान एक जीरो कम लगाया। जिसके बाद अब वह रकम 10 लाख हो गई है।
- इस गलती का पता लगने के बाद उनकी वकील मंगला ने कोर्ट को बताया कि, पिल्लई असल में एक करोड़ रुपए का मुआवजा चाहती हैं। लेकिन एक जीरों की कमी से वह रकम 10 लाख हो गई है।

 

कौन हैं रिया पिल्लई

- कई ऐड में नजर आ चुकी रिया की पहली शादी संजय दत्त से हुई थी। 
- संजय से तलाक के बाद रिया ने टेनिस स्टार  लिएंडर पेस से शादी की। नौ साल चली शादी के बाद दोनों का झगड़ा कोर्ट पहुंच गया। 
- यहां दोनों अपनी बेटी की कस्टडी को लेकर लड़ाई कर रहे हैं। 
 

कौन थी एक्ट्रेस जुबैदा...

- उन्होंने साल 1931 में आई देश की पहली बोलती फिल्म 'आलम-आरा' में बतौर एक्ट्रेस काम किया था। 
- जुबैदा गुजरात के नवाब सिद्दी इब्राहीम की बेटी थीं। उन दिनों फिल्मों में काम करना अच्छा नहीं माना जाता था। इसलिए शुरू में जुबैदा को काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा।
- जुबैदा की दो बहने सुल्ताना और शहजादी भी एक्ट्रेस थीं।
- आलम-आरा के अलावा जुबैदा ने देवदास (1937) और मेरी जान जैसी पॉपुलर फिल्मों में काम किया।


जुबैदा की फिल्मों के लिए लोगों ने खाई लाठियां

- आलम आरा का पहला प्रदर्शन मुंबई के मैजेस्टिक सिनेमा में 14 मार्च 1931 को हुआ था। 
- आलम आरा फिल्म एक राजकुमार और एक बंजारन लड़की की प्रेम कथा है। यह जोसफ डेविड द्वारा लिखी गई एक पारसी नाटक पर आधारित थी। 
- पहले ही दिन इस फिल्म की टिकटें 50-50 रुपये में बिकी थी। शो 3 बजे शुरू होना था, पर सवेरे 9 बजे ही मैजेस्टिक सिनेमा के बाहर अपार भीड़ हो गई थी।
- भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी। पुलिस ने दर्शकों को कंट्रोल करने के लिए लाठियां भी चलाई थी।
 

कौन-कौन था पहली बोलती फिल्म में

- 'आलम आरा' में मास्टर विट्ठल, जुवैदा, जिल्लो, सुशीला और पृथ्वीराज कपूर ने किरदार अदा किए थे। फिल्म की कहानी जोसेफ डेविड ने लिखी थी, जबकि इसके डायरेक्टर अर्देशिर ईरानी थे। 
- 124 मिनट की इस फिल्म को इम्पीरियल मूवीटोन नाम की प्रोडक्शन कंपनी ने प्रोड्यूस किया था।
 

आलम आरा में थे 7 गाने

- पहली बोलती फिल्म से संगीत को अच्छी जगह मिली। 'आलम आरा' में 7 गाने थे और इसी फिल्म का 'दे दे खुदा के नाम पे' भारतीय सिनेमा का पहला सॉन्ग माना जाता है, जिसे वजीर मोहम्मद खान ने गाया था। 
- फिल्म के बाकी गाने 'बदला दिलवाएगा या रब..., 'रूठा है आसमान...', 'तेरी कातिल निगाहों ने मारा...', 'दे दिल को आराम...', 'भर भर के जाम पिला जा...', और 'दरस बिना मारे है...' हैं।
 
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