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शनि शिगणापुर विवाद, 'भूमाता ब्रिगेड' में पड़ी फूट, तीन सदस्य तृप्ति से हुई अलग

5 वर्ष पहले
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पुणे. शनि शिंगणापुर में शनिदेव के चबूतरे पर चढ़कर महिलाओं को पूजा का अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे पुणे के 'भूमाता ब्रिगेड' संगठन में फूट पड़ गई है। संगठन के कार्यकारिणी की सात में से तीन महिला सदस्यों ने संगठन प्रमुख तृप्ति देसाई पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मंगलवार शाम को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
क्या है असंतुष्ट सदस्यों का आरोप?
- कार्यकारणी से इस्तीफा देने वाली प्रियंका जगताप, पुष्पक केवडेकर और दुर्गा शुकरे का आरोप है कि तृप्ति देसाई जिला प्रशासन हो या गांववालों के साथ बैठक वे सभी जगह अकेले ही शामिल होती हैं।
- बैठक में क्या बात हुई इस बारे में सदस्यों को जानकारी भी नहीं देती।
- इससे सदस्यों को आंदोलन को लेकर क्या चल रहा है इस बारे में पता नहीं चलता है।
- दो दिन पहले श्री श्री रविशंकर ने संगठन के सदस्यों के साथ बैठक बुलाई थी। लेकिन इसकी भी जानकारी कार्यकारिणी को नहीं डी गई।
- हमारे मार्गदर्शक डॉ. बुधाजीराव मुलीक के मागर्दशन में हम भूमाता स्वाभिमान संगठन स्थापित करेंगे।
क्या है तृप्ति देसाई की सफाई?
- मुझे तीनों महिला सदस्यों के इस्तीफ को लेकर मीडिया से जानकारी मिली है।
- जिसे संगठन में रहना है वह रह सकता है। जिसे छोड़ना वह छोड़ सकता है।
- हमारा आंदोलन के सफल होने से पहले ही विरोधियों ने हमारे सदस्यों को भड़काया।
- इससे इन महिला सदस्यों की स्थिति 'विनाश कालै विपरित बुद्धि' जैसी हो गई।
- लेकिन इसका हमारे आंदोलन पर असर नहीं पड़ेगा।
- शनिमंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
(तृप्ति देसाई की फाइल फोटो)