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डाउनलोड करेंपुणे/मुंबई। विधान परिषद में विपक्ष के नेता विनोद तावड़े ने राज्य विधानमंडल के बजट अधिवेशन की कालावधि पर ऐतराज जताया है। तावड़े का आरोप है कि लोकसभा चुनाव की आचारसंहिता की आड़ में राज्य सरकार ने केवल चार दिनों में लेखानुदान मंजूर कर सत्रावसान की साजिश रची है। इस संबंध में तावड़े ने राज्यपाल के. शंकरनारायणन को पत्र लिखकर बजट सत्र चार सप्ताह चलाने की मांग की है। तावड़े के मुताबिक 24 फरवरी से बजट सत्र की शुरुआत होनेवाली है। जानकारी मिली है कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र केवल चार दिन चलाने का निर्णय लिया गया है। लेखानुदान मंजूर कर सत्र समाप्त कर दिया जाएगा। प्रश्नोत्तरकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव जैसे जनता से जुड़े अहम प्रस्तावों पर सदन में चर्चा नहीं हो सकेगी। तावड़े ने कहा कि इससे पहले 2004 और 2009 में लेखानुदान मंजूर कर अधिवेशन तीन से चार दिनों में समाप्त कर दिया गया था। उस समय आचारसंहिता लागू थी। तावड़े के मुताबिक इस बार आचारसंहिता मार्च महीने में लगने की संभावना है।
लिहाजा आचारसंहिता के बहाने बजट सत्र केवल चार दिन में समाप्त करना उचित नहीं है। तावड़े ने आरोप लगाया कि विधानमंडल के सदस्यों को संसदीय कार्यप्रणाली के अधिकारों से वंचित रखने की कोशिश हो रही है।
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