(भारी उद्योग मंत्रालय संभाल रहे अनंत गीते की फाइल तस्वीर)
मुंबई। प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका से वापस आने के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी से अलग हुई शिवसेना कोटे से मंत्री और भारी उद्योग मंत्रालय संभाल रहे अनंत गीते मंत्रिमंडल से इस्तीफा देंगे। हालांकि शिवसेना ने अभी तक केंद्र सरकार से अपने समर्थन वापसी की कोई भी घोषणा नहीं की है।
केंद्र में भी टूटेगा गठबंधन
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को गीते के इस्तीफे की घोषणा की। शिवसेना के इस रुख को देखते हुए जानकारों का मानना है कि केंद्र में उनका बीजेपी संग गठबंधन भी जल्द टूटने वाला है। शिवसेना के 18 सांसद केंद्र एनडीए से अलग हो सकते हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र में सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों का 25 साल पुराना गठबंधन टूट गया था।
शिवसेना पर लगा था दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
महाराष्ट्र में गठबंधन तोड़ने और केंद्र में समर्थन जारी रखने के मुद्दे पर शिवसेना पिछले कुछ दिनों से मनसे, कांग्रेस और एनसीपी के निशाने पर थी। सभी ने इसे शिवसेना की एक चाल करार देते हुए जम कर हमला बोला था। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा था कि,'चिंतामणराव ने जिस प्रकार नेहरू पर महाराष्ट्र के प्रति अलग रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए अपने पद का इस्तीफा दिया था उसी तरह शिवसेना को भी अपने एकमात्र केंद्रीय मंत्री से इस्तीफा देने को कहना चाहिए। राज ठाकरे के इस हमले के कुछ ही घंटों के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अनंत गीते के इस्तीफे का एलान किया है।
मुंबई महा पालिका में बीजेपी-शिवसेना साथ-साथ
राज्य में भले ही गठबंधन टूट गया हो लेकिन मुंबई महा पालिका में शिवसेना अभी भी बीजेपी के साथ गठबंधन में रहेगी। इस बारे में जब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
मुंबई मनपा में गठबंधन तोड़ने की मुझे जल्दी नहीं
शिवसेना-भाजपा की 25 साल पुरानी युती टूटने के बाद दोनों दलों के बीच दूरी बढ़ती ही जा रही है। दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ विधानसभा में उम्मीदवार खड़ा किया है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री अनंत गिते को मोदी सरकार से इस्तीफा देने का आदेश दिया है। जिसके बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सत्तारूढ़ शिवसेना-भाजपा का गठबंधन भी टूटना लगभग तय माना जा रहा है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से सोमवार को जब इस बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा,‘मुंबई मनपा में भाजपा से गठबंधन तोड़ने की भले ही मीडिया को जल्दी हो, परंतु मैं इस बारे में शांतिपूर्वक निर्णय लूंगा।’ बता दें कि मुंबई मनपा में शिवसेना की सत्ता होने की वजह से यहां से उसे आर्थिक मदद मिलती है। यही कारण है कि भाजपा से युती टूटने के बावजूद उद्धव ठाकरे मुंबई मनपा की सत्ता भाजपा से गठबंधन तोड़कर गंवाने के मूड़ में दिखाई नहीं दे रहे हैं।