जो सातारा जिला न्यायालय से चोरी हो गई थी। एटीएस को पुणे, सातारा स्थित कई जगहों के सीसीटीवी फुटेज मिले थे। फरासखाना पुलिस थाने में दुपहिया लगाते समय का फुटेज भी पुलिस को मिला है। इसमें दो आरोपियों के चेहरे कैद हुए थे। उस अनुसार एटीएस की जांच चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक बम धमाके के आरोपियों में से चार के नाम उजागर हुए हैं। उनकी खोज में एटीएस की टीम हैदराबाद रवाना हुई है। चार आरोपियों में कुछ के पुणे के निवासी होने का अंदाजा है। आरोपी किसी आतंकी संगठन से संबंधी है क्या इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। बम धमाके को अंजाम देनेवालों की ठोस जानकारी एटीएस के हाथ लगी है।
अब तक की जांच
धमाके के दिन ही एटीएस ने जांच शुरू कर दी थी। धमाका आतंकियों द्वारा करवाने की बात सामने आई थी। लेकिन किसी संगठन का नाम स्पष्ट नहीं हुआ है। धमाके के सुराग कोल्हापुर में होने की जानकारी पहले पुलिस को मिली थी। उस अनुसार एटीएस की टीम ने पूरा कोल्हापुर खोज निकाला था लेकिन कुछ ठोस सबूत हाथ नहीं लगा। उसके बाद पुणे में संदिग्धों की खोजबीन शुरू की गई। पुणे तथा पुणे के बाहर कई जगहों पर पुलिस की टीमें अभी भी जांच कर रही हैं। दो महीने के अथक परिश्रम के बाद एटीएस को चार आरोपियों के नाम पता चले हैं।
यह एक प्रकार की उपलब्धि ही मानी जा रही है।