(आरटीआई कार्यकर्ता सतीश शेट्ठी की फाइल तस्वीर।)
पुणे. बंबई हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आरटीआई कार्यकर्ता सतीश शेट्टी हत्याकांड की जांच फिर से करवाने का विरोध किया है। सतीश शेट्ठी के भाई ने एक याचिका के माध्यम से हत्याकांड की फिर से जांच करवाने की मांग की थी। इस मामले की सुनवाई 17 फरवरी को होने वाली है।
उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी 2010 को सुबह वडग़ांव मावल में शेट्टी की हत्या कर दी गई थी। शेट्टी ने सूचना अधिकार के तहत कई भ्रष्टाचार के प्रकरण उजागर किए थे। वर्ष 2009 को शेट्टी ने आईआरबी कंपनी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। उन्होंने कंपनी पर स्थानीय किसानों की जमीनें हड़प करने का आरोप लगाया था। उसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गई थी। शेट्टी हत्याकांड की जांच सीबीआई ने की और मामले में क्लोजर रिपोर्ट 11 अगस्त 2014 को पेश की थी।
सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता और सतीश शेट्ठी के भाई संदीप शेट्ठी ने बंबई हाईकोर्ट में एक याचिका दयार कर मामले की जांच फिर से करवाने की मांग की थी। इसी याचिका के जवाब में सीबीआई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील प्रताप सिंह ने एक हलफनामा दायर कर केस फिर से खोलने का विरोध किया है।
याचिकाकर्ता संदीप शेट्ठी का कहना है कि," मामले में सीबीआई ने कई तथ्यों की सही से जांच नहीं की। अगर संदिग्धों को हिरासत में लेकर फिर से पूछताछ हो तो हत्याकांड से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आ सकते हैं।" संदीप का आरोप है कि सीबीआई की टीम ने दबाव में इस मामले की जांच की और कई अभियुक्तों को हिरासत तक में नहीं लिया। संदीप ने अपनी याचिका में एक फोन कॉल का भी हवाला दिया है जिसमें सीबीआई के एक ऑफिसर ने दबाव की बात स्वीकार की है।