पुणे। शहर कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि ग्रामविकास मत्री पंकजा मुंडे के दबाव की वजह से ही शहर की एक विज्ञापन कंपनी को महापालिका ने अवैध तरीके से टेंडर दिया है।
कांग्रेस का आरोप है कि सुप्रा लिमिटेड कंपनी शहर में यूनीपोल द्वारा विज्ञापन लगवाती है। लेकिन कंपनी और महापालिका के बीच हुआ करार 2010 में ही खत्म हुआ था। इसके बाद महापालिका को नए टेंडर के लिए स्थायी विभाग की अनुमित लेना जरुरी था, लेकिन एेसा नहीं हुआ। महापालिका ने स्थायी समिति की अनुमति के बिना ही कंपनी के टेंडर को अवैध तरीके से 2014 तक बढ़ा दिया।
कांग्रेस के इस आरोप का खंडन करते हुए बीजेपी ने कहा है कि कंपनी के टेंडर की अवधि बढ़ाने में किसी भी भाजपाई कार्यकर्ता या नेता का संबंध नहीं है।