(एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की फाइल तस्वीर)
पुणे। बीजेपी-शिवसेना की तरह ही महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के बीच सीटों के बंटवारे का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक अगर दोनों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनी तो दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ सकते हैं। कांग्रेस 174 सीटों पर उम्मीदवार उतारना चाहती है, जबकि एनसीपी को 114 सीटें देना चाहती है। एनसीपी ने अपने लिए 144 सीटों की मांग की है।
पिछले चुनाव में कांग्रेस 174 सीटों पर ही चुनाव लड़ी थी लेकिन हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का हवाला देते हुए एनसीपी कांग्रेस को सिर्फ 114 सीटें देना चाहती है। कांग्रेस ने भी एनसीपी की 144 सीटों की मांग को ठुकरा दिया है। दोनों पार्टियों के बीच अंदरूनी विवाद इस कदर बढ़ गया है कि अब कार्यकर्ताओं की और से अलग-अलग चुनाव लड़ने की मांग उठने लगी है।
अब तक कांग्रेस और एनसीपी के बड़े नेताओं के बीच 4 राउंड की बात हो चुकी है। आज दिल्ली में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक है, जिसमें एनसीपी के हिस्से की 114 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए जाएंगे। सीटों पर समझौता न होने पर इन उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख नेता पृथ्वीराज चह्वाण, मोहन प्रकाश और माणिकराव ठाकरे दिल्ली में ही हैं.