(एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल )
मुंबई. गुरूवार शाम महाराष्ट्र की सियासत एक दिलचस्प मोड़ लेती हुई दिखाई दी। बीजेपी-शिवसेना की 25 साल पुरानी दोस्ती के टूटने के कुछ ही देर बाद कांग्रेस -एनसीपी के बीच की 15 साल पुरानी दोस्ती भी खत्म हो गई। दोनों ही दलों के बीच सीटों को लेकर बनी खींचतान गठबंधन टूटने तक जा पहुंची। एनसीपी ने कांग्रेस पर उसकी अनदेखी करने और बातचीत के दौरान भी जिन सीटों पर बात चल रही थी उनसीटों पर भी अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद इस अघाड़ी गठबंधन का टूटना भी तय माना जा रहा था। गठबंधनों में मची इस टूट के बाद साफ हो गया है कि महाराष्ट्र में चारों बड़ी पार्टियां अलग अलग चुनाव लडेंगी।
गठबंधन टूटने के बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि 174 सीटों पर हमारी तैयारी पूरी हो गई है और बाकी की सीटों पर अपने उम्मीदवारों का एलान जल्द किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी ने कांग्रेस से आधी आधी 144 सीटें मांगी थी, लेकिन कांग्रेस को एनसीपी का यह प्रस्ताव मंजूर नहीं था। इस बात की कयास पहले से ही लगाए जा रहे थे कि ज्यादा सीटों की मांग पर एनसीपी- कांग्रेस के बीच का यह गठबंधन टूट सकता है।
सरकार से भी अलग होगी एनसीपी
गुरुवार शाम हुई एनसीपी की प्रेस कांफ्रेस में मौजूद एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और अजीत पवार ने कहा कि गठबंधन तोड़ने के साथ ही वे शुक्रवार को राज्यपाल से मिलकर एनसीपी के सरकार से अलग होने की जानकारी भी देंगे।