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फर्जी कागजात तैयार करने के मामले में वरिष्ठ लिपिक और पूर्व पार्षद गिरफ्तार

7 वर्ष पहले
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पुणे. फर्जी जमानत के कागजात तैयार करवाने के मामले में अपराध शाखा पुलिस ने सत्र न्यायालय के वरिष्ठ लिपिक सहित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व पार्षद को गुरुवार को गिरफ्तार किया है। येरवड़ा जेल में हुई इस घटना को लेकर खलबली मच गई है।

क्या है मामला
सत्र न्यायालय का फर्जी जमानत आदेश दिखाकर राकांपा के पूर्व पार्षद तानाजी निम्हण के दो बेटे तुषार तथा चेतन को 22 नवंबर को येरवड़ा जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया था। दोनों अपने चचरे भाई की हत्या के मामले में गत डेढ़ साल से येरवड़ा जेल में बंद थे।काफी प्रयास के बाद भी न्यायालय से उन्हें जमानत नहीं मिल पा रही थी। इस पर तानाजी ने सत्र न्यायालय में बतौर वरिष्ठ लिपिक कार्यरत दीपक ज्ञानोबा राऊत से मिली भगत कर फर्जी जमानत के आदेश तैयार करवाए।
उसके लिए तानाजी ने राऊत को 15 लाख रुपए दिए थे। राऊत ने न्यायालय में ही कम्प्यूटर पर जमानत का आदेश तैयार किया। 20 नवंबर को उक्त आदेश येरवड़ा जेल प्रशासन को दिया गया। उसके बाद 22 नवंबर की शाम दोनों को येरवड़ा जेल से रिहा कर दिया गया।
ऐसे हुआ खुलासा
28 नवंबर को न्यायालय में हत्या प्रकरण की सुनवाई थी। दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश नहीं किया। इस पर न्यायालय द्वारा जेल प्रशासन को स्मरण पत्र भेजा गया। जेल प्रशासन ने न्यायालय को जमानत आदेश की प्रति भेज दी। उसके बाद जमानत आदेश की प्रति फर्जी होने की बात सामने आई। न्यायालय ने तत्काल दोनों आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया। जेल अधिकारी अशोक खामकर ने येरवड़ा पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
दोनों वापस पहुंचे हवालात
अपराध शाखा के युनिट 3 के पुलिस निरीक्षक सुनिल पवार ने बुधवार देर शाम ही तुषार और चेतन निम्हण को गिरफ्तार किया। गुरुवार को उनके पिता तानाजी निम्हण और वरिष्ठ लिपिक राऊत को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला है कि फर्जी जमानत का आदेश तैयार करने के लिए तानाजी द्वारा दी गई 15 लाख रुपए की रकम राऊत ने पनवेल जाकर डांस बार में खर्च कर दी है। मामले की जांच जारी है।