फोटो: महाराष्ट्र के एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार की फाइल तस्वीर
पुणे: कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन टूटने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे के बारामती से अपना नामांकन दायर किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता अजीत पवार की सम्पत्ति में पिछले 5 सालों में तीन गुना वृद्धि हुई है। अजित पवार अपने विवादित बयानों के लेकर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं।
पिछले चुनाव में अजीत पवार और पत्नी सुनेत्रा के नाम पौने 11 करोड़ रुपए की सम्पत्ति दर्ज थी। इस बार यह बढ़कर 37 करोड़ 95 लाख 67 हजार रुपए की वृद्धि हुई है। नामांकन के दौरान दायर संपत्ति के ब्यौरे से पता चला है कि अजित पवार के पास 3 करोड़ 10 लाख 43 हजार 420 रुपए की चल सम्पत्ति है। इसमें बैंक डिपॉजिट 72 लाख 87 हजार रुपए के साथ ही 7 लाख 71 हजार नकद हैं। इसके अलावा उनके नाम 29 लाख 14 हजार रुपए के शेयर और 22 लाख 94 हजार रुपए के वाहन हैं, जिसमें ट्रैक्टर, ट्रेलर और
होंडा एकॉर्ड जैसे वाहन शामिल है। वहीं 11 लाख 40 हजार रुपए का सोना भी है। खास बात यह है कि पत्नी सुनेत्रा के नाम पर सोना का एक भी आभूषण भी नहीं है।
अजित पवार का महाराष्ट्र की राजनीति में गहरी पैठ है। एनसीपी में
शरद पवार के बाद अजित पवार का स्थान आता है। अजित पवार का भाग्य इस विधानसभा चुनावों में दांव पर लगा है। लोकसभा चुनाव में उनकी बहन तथा एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले बारामती लोकसभा सीट से चुनकर आई थीं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और राज्य के पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजित पवार अपने विवादित बयानों के लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। अपने इन बयानों की वजह से उन्होंने अक्सर पार्टी को मुसीबत में डाला है। लोकसभा के चुनावों में अजित पवार ने एक बेतुका बयान दिया था है, जिसपर उन्हें चुनाव आयोग के नोटिस का भी सामना करना पड़ा था। अजित पवार ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के चुनाव क्षेत्र बारामती में एक गांव के लोगों को वोट देने की धमकी दी थी। अजित पवार ने गांव वालों से कहा था कि, 'अगर एनसीपी उम्मीदवार सुप्रिया सुले को वोट नहीं दिया, तो पानी की सप्लाई बंद कर दी जाएगी।'
विवादास्पद बयान पर फेसबुक पर मांगी माफी
विधानसभा चुनाव नजदीक देख एक साल पहले दिए विवादास्पद बयान पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने जनता से माफी मांगी थी। अपने फेसबुक पेज पर अजित ने जनता के लिए पत्र जारी किया था। पत्र में कहा है कि एक साल पहले मैंने जो विवादास्पद बयान दिया था उसके लिए मुझे माफ करें। यह विषय अब खत्म हुआ, उसे फिर से न निकालें।
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