फोटो: (गोठावली गांव के इंद्राणी महिला मंडल की ओर से जारी फरमान की सूचना को एक बोर्ड पर लिख कर चौराहे पर लगा दिया गया है।)
मुंबई। बलात्कार के बढ़ते मामलों को आधार बनाते हुए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के एक गांव की समिति ने महिलाओं को मैक्सी(गाउन) न पहनने का अजीबोगरीब फरमान सुनाया है। समिति ने इस नियम का उल्लंघन करनेवाली महिला पर 500 रुपए के जुर्माने का प्रावधान भी रखा है। पंचायत के इस फरमान का महिला संगठनों ने विरोध किया है।
पहनावे की वजह आकर्षित होते हैं पुरुष
यह तालिबानी फरमान मुंबई के गोठावली गांव के इंद्राणी महिला मंडल की ओर से जारी किया गया है। मंडल से जुड़ी महिला सदस्यों का कहना है कि महिलाओं के पहनावे की वजह से देश में बलात्कार के मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए हमने गांव की महिलाओं को मैक्सी(गाउन) पहनकर घूमने पर पाबंदी लगाई है। मंडल का कहना है कि महिलाओं के इस तरह के पहनावे से पुरुष आकर्षित होते हैं।
महिलाओं पर नजर रखने के लिए बनाई टीम
इस फरमान का पालन न करनेवाली महिला को 500 जुर्माना का चुकाना होगा। अपने फरमान को कड़ाई से लागू करवाने के लिए मंडल ने महिलाओं की टीम भी गठित की है। यह टीम गांव की महिलाओं के पहनावे पर नजर रखेगी और नियम तोड़ने वाली महिला से यह रकम वसूली जाएगी। इस बारे में गांव के मुख्य चौराहे पर बोर्ड पर सूचना लगा दी गई है। गोठावली गांव नवी मुंबई इलाके में आता है। नवी मुंबई की पहचान एक मॉडर्न सिटी के तौर पर होती है, लेकिन इस तरह के फरमान के बाद लोगों हैरत में हैं।
समिति के फरमान पर महिला संगठन नाराज
कई महिला संगठनों ने इंद्राणी महिला मंडल की ओर से जारी इस फरमान पर आश्चर्य जताते हुए समिति को नोटिस भेजने की बात कही है।
निर्भया हादसा फिर से न हो इसलिए पाबंदी लगाई
इंद्राणी महिला मंडल की अध्यक्ष लक्ष्मी पाटिल का कहना है, "गाउन पहनने वाली महिलाओं की ओर पुरुष लोग गंदी नजर से देखते हैं। हमें लगता है कि दिल्ली में हुए निर्भया हादसे जैसा हादसा न हो इसलिए हमनें मैक्सी पहनने पर पाबंदी लगाई है। हमारे महिला मंडल द्वारा जारी किए निर्णय को देशभर में लागू किया जाना चाहिए।"
व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है यह फरमान
इस फरमान पर विपक्ष के नेता रमाकांत महात्रे का कहना है, "महिलाओं के लिए ड्रेसकोड लागू करना यह व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है। नागरिकों पर इस पर प्रकार की पाबंदियां लादना सही नहीं है। हम इसका विरोध करते हैं।"