(महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की फाइल तस्वीर)
पुणे. विधानसभा चुनाव नजदीक देख एक साल पहले दिए विवादास्पद बयान पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने जनता से माफी मांगी है। अपने
फेसबुक पेज पर अजित ने जनता के लिए पत्र जारी किया है। पत्र में कहा है कि एक साल पहले मैंने जो विवादास्पद बयान दिया था उसके लिए मुझे माफ करें। यह विषय अब खत्म हुआ, उसे फिर से न निकालें।
क्या कहा पत्र में : उपमुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि राजनीतिक एंव सामाजिक जीवन में कई बार सराहना तथा टिप्पणी के उतार चढ़ाव आते हैं। मेरे जीवन में जो बुरे दिन हैं। उनमें से एक दिन 6 अप्रैल 2013 है। पुणे जिले के इंदापुर तहसील स्थित निंबोड़ी में मेरी सभा थी। उस समय राज्य में कई जगहों पर सूखे की स्थिति थी। दिन के 24 घंटे दिमाग में सूखा तथा उसकी उपाययोजना का ही विषय था।
इस कारण सभा में जल समस्या पर बोलते हुए मुझसे अनुचित शब्दों का प्रयोग हो गया। राज्य के जिम्मेदार उपमुख्यमंत्री को इस प्रकार नहीं बोलना चाहिए था। मैंने उस समय मीडिया को मेरा लिखित माफीनामा भी भेजा था। 14 अप्रैल 2013 को करहाड़ स्थित कृष्णा-कोयना के प्रीतिसंगम पर मैं पूरा दिन आत्मक्लेश करने के लिए बैठा था।
उक्त बयान को न उछालें : मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि अगला समय महाराष्ट्र विधानसभा की चुनावी राजनीति का है। कृपा कर उक्त विवादास्पद बयान को लेकर मुझपर वार न करें। यह विषय एक साल पहले ही खत्म हो चुका है। हम भले ही राजनीतिज्ञ हैं लेकिन उससे पहले हम इंसान है।
एक ही व्यक्ति पर लगातार एक ही विषय को लेकर आरोप लगाए जाते हैं तो उससे संबंधित व्यक्ति को ही दु :ख नहीं पहुंचता बल्कि उसके परिवार पर भी इसका असर पड़ता है। मैं आप में से ही एक कार्यकर्ता हूं।