(महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की फाइल तस्वीर)
मुंबई। एनसीपी और कांग्रेस में भी सीटों के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य में आघाड़ी( कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन) की सत्ता दोबारा आने पर इस बार वह उपमुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।
अजित पवार ने राष्ट्रवादी भवन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, लोगों ने हमें उनकी समस्या हल करने के लिए चुनाव में वोट दिया था। हमने उनके लिए प्रयास भी किया, लेकिन उनकी फाइलों पर हस्ताक्षर करने की जिम्मेदारी राज्य के प्रमुख के तौर पर मुख्यमंत्री को होती है। कई मामलों में उनके हस्ताक्षर के बिना काम पूरे नही हो सकते हैं। इस बात का खामियाजा गठबंधन को चुनावों में भुगतान पड़ सकता है।
आगे पवार ने कहा कि कोल्हापुर, खारघर, बारामती आदि शहरों में टोल टैक्स बंद करने को लेकर मैंने मुख्यमंत्री से चर्चा की। उस समय उन्होंने मुझसे कहा कि किस एक शहर का टोल बंद करने पर अन्य शहर के लोग भी यही मांग उठाएंगे। यह कहकर उन्होंने टोल का मामला टालने कि कोशिश की। इसलिए राज्य में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की अगुवाई में यूपीए की सरकार सत्ता में आएगी तो मैं उप मुख्यमंत्री नहीं बनूंगा। क्योंकि मैं लोगों के काम पूरे नहीं कर सकता तो इस पद का इस्तेमाल करने का क्या फायदा।