पुणे: महाराष्ट्र में बढ़ते जा रहे साइबर हमले के खतरे को ले कर राज्य सरकार काफी चिंतित है ।महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीक शिक्षा मंत्री श्री राजेश टोपे ने आर्इटी सिक्यूरिटी सोलुशन प्रदाता 'किवक हील टेक्नोलाजिस .'के एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि आने वाले समय में साइबर सिक्यूरिटी एक बड़ा विषय होगा देश की सुरक्षा को लेकर और सभी आईटी कंपनी को इस ओर अधिक ध्यान देना चाहिए । उन्होंने वादा किया कि आर्इटी सिक्यूरिटी साफटवेयर उधोग द्वारा जिन चुनौतियों का सामना किया जा रहा है, उसका हल निकालने के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी।
रिसर्च एवं डेवलपमेंट लेब के अपने दौरे के दौरान किवक हील कर्मचारियों को संबोधित करते हुए श्री टोपे ने कहा कि,' साइबर क्राइम की घटनाएं दिन प्रति दिन बढ रही है। साइट हैकिंग करने, साइबर आतंकवाद, स्टेट सर्पोटेड हैकिंग, हैकिंग गतिविधियां, और आर्थिक अपराधों की खबरे बढी है। इस परिपेक्ष्य में किवक हील जैसी कंपनी की भूमिका महत्वपूर्ण है, जिसके पास ऐसे अपराधों को रोकने और जागरूकता फैलाने की वर्षो की निपुणता है।
इस परिदृश्य में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए श्री टोपे ने इस वास्तविकता पर भी फोकस किया कि मौजूदा शैक्षणिक पाठयक्रम को अधतन करने की जरूरत है ताकि इन चुनौतियों का सामना किया जा सके। आगे चलकर विधार्थियों को नवीन डेवलपमेंट के बराबर रखने के लिए उधोग भागीदारी की जरूरत है।
उन्होंने किवक हील सीटीओ श्री संजय काटकर को यूनिवर्सिटी द्वारा आफर किये जा रहे आर्इटी कोर्स और डिग्री के लिए पाठयक्रम पर अपनी विशेषज्ञ सलाह देने के लिए भी आमंत्रित किया।उन्हों ने आगे बताया कि विश्वविधालयों के उपकुलपतियों को इस बारे में सूचित किया जायेगा, ताकि जितना जल्दी हो सके पाठयक्रम में इस शिक्षा के कि्रयान्वयन की दिशा में एक सशक्त रणनीति हो।