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कोर्ट में हत्या कबूलने के लिए पैसे वाले बयान से पलटा डॉ दाभोलकर का हत्यारा

7 वर्ष पहले
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पुणे- अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष, संस्थापक डॉ नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में हथियार मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार मनीष नागोरी और विकास खंड़ेलवाल ने कल कोर्ट में अपना बयान बदल दिया। दोनों ने कोर्ट में बताया कि गुनाह कबूलने के उन्हें किसी ने भी 25 लाख का ऑफर नहीं दिया था। आरोपियों ने कोर्ट में कहा कि पुणे पुलिस इस हत्याकांड से हमें जोड़ रही थी इसलिए हमने यह बयान दिया था। मनीष नागोरी और विकास खंड़ेलवाल को कल ( मंगलवार) पुणे स्थित कोर्ट में पेश किया गया। दोनों को 4 फरवरी तक पुलिस हिरासत भेजा गया है।

मनीष नागोरी ने पिछले सप्ताह कोर्ट में आरोप लगाते हुए कहा था कि उसे दाभोलकर हत्या का गुनाह कबूलने के लिए एटीएस प्रमुख राकेश मारिया ने 25 लाख का लालच दिखाया था। पुलिस ने मनीष नागोरी (24) और विकास रामअवतार खंडेलवाल( 22) हाल ही में गिरफ्तार किया था। उन्हें कोर्ट में पेश करने पर मनीष ने यह गंभीर आरोप लगाया था। इस समय काफी खलबली मची थी। उसने कहा थी कि हमें गृहमंत्री आरआर पाटिल के कहने पर फर्जी आरोपी बनाया गया है। कोर्ट ने दोनों को 28 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। कल दोबारा उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। इस समय मनीष ने यूटर्न लेते हुए कहा कि गुनाह कबूलने के लिए उसे किसी ने भी 25 लाख का आॅफर नहीं दिया था। पुलिस की मांग के अनुसार कोर्ट ने अधिक जांच के लिए दोनों की पुलिस हिरासत 4 फरवरी तक बढ़ायी है।

नागौरी ने कोर्ट में बताया कि एटीएस ने उन्हें गिरफ्तार कर 45 दिनों तक हमारी जांच की, इससे कोई भी बात सामने न आने से हमारा ज़बरदस्ती से नार्कोटेस्ट और लाई डिटेक्टर जांच की गई। थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर मेरे साथ छल किया गया। पुलिस को चार महीने पहले ही बैलेस्टिक रिपोर्ट मिली है। हमारा इस हत्याकांड से किसी भी प्रकार का संबंध नहीं है, फिर भी पुलिस हमें इससे जोड़ने का प्रयास कर रही है। इ्सलिए हमने चिढ़कर पुलिस पर 25 लाख रुपए आॅफर देने का आरोप लगाया।

इस मामले में अतिरिक्त आयुक्त शहाजी सोलुंके ने इससे पहले ही कहा था कि एटीएस और पुलिस पर झूठे आरोप किए जा रहे है। आरोपी अपने बचाव के लिए इस तरह के आरोप करते हैं। पुलिस अपने तरीके से जांच कर रही है। खंड़ेलवाल के पास मिला हुआ पिस्तौल और दाभोलकर हत्या में हमलावरों ने जिस पिस्तौल से गोलियां दागी थी वो एक ही है, और वो पिस्तौल नागोरी ने ही आरोपी को दिया था।


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