फाइल तस्वीर: (शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करते हुए)
मुंबई: बीजेपी-शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। सूत्रों की माने तो केंद्रीय परिवाहन मंत्री नितिन गडकरी से प्रधानमंत्री मोदी की शुक्रवार को हुई मुलाकात में इस मामले को सुलझाने और गठबंधन को बचाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद भाजपा का रुख नरम पड़ गया है और राज्य विधानसभा चुनाव में महायुति का बनना लगभग तय हो गया है।
मोदी के हस्तक्षेप के बाद भाजपा का रुख नरम पड़ा
कल शिवसेना के अल्टीमेटम के बाद भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में सहयोगी दल को सीट बंटवारे के मसले पर नए सिरे से प्रस्ताव भेजने की बात कही। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने महायुति टूटने को लेकर आ रही खबरों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी। इसके बाद मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच चर्चा हुई। सूत्रों की माने तो प्रधानमंत्री मोदी के इस रुख को देखते हुए भाजपा नेताओं ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर शिवसेना को सीट बंटवारे पर नया प्रस्ताव भेजने की घोषणा की।
आदित्य ठाकरे ने की बीजेपी नेताओं से मुलाकात
देर शाम शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और सुभाष देसाई ने भी भाजपा नेता ओम माथुर के घर जाकर इस मसले पर चर्चा की और सुलह हो जाने का संकेत दिया। भाजपा ने नए प्रस्ताव में कहा है कि वह उन सीटों पर भी लड़ना चाहेगी, जहां शिवसेना ने पिछले कई वर्षों से जीत दर्ज नहीं की है। इसके लिए बीजेपी ने 59 सीटों का चयन किया है।
सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला आज
भाजपा-शिवसेना के बीच विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर शनिवार को कोई फैसला ले लिया जाएगा। आज इस मुद्दे पर मुंबई में भाजपा कोर कमेटी की अहम बैठक होगी। इसमें महाराष्ट्र विधानसभा में सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। भाजपा नेता विनोद तावड़े ने बताया है कि आज होने वाली बैठक में निश्चित तौर पर किसी फैसले पर पहुंचने के बाद तुरंत शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर उन्हें फैसले की जानकारी दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो इस मुद्दे पर दोनों पार्टियों में कुछ नरमी जरूर दिखाई दे रही है।
घटक दलों ने भी दिया अल्टीमेटम
बीजेपी-शिवसेना से जुड़े छोटे दलों ने विवाद को बढ़ता देख अब अपनी तरफ से दोनों को आज तक का वक्त दिया है। महायुति के घटक दलों में शामिल शेतकरी स्वाभिमानी संगठन के सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि भाजपा-शिवसेना को शनिवार तक विवाद सुलझा लेना चाहिए, वरना महायुति के चारों साथी दलों के पास मिलकर 63 उम्मीदवार खड़े करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचेगा।
क्या है विवाद की वजह?
महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें हैं। शिवसेना पिछली बार इनमें से 169 सीटों पर लड़ी थी और भाजपा 119 सीटों पर। लेकिन इस बार भाजपा की मांग है कि उसे 135 सीटें दी जाएं। दरअसल, लोकसभा चुनाव में मिली जबर्दस्त जीत के बाद बीजेपी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए एक फॉर्म्युला पेश किया है। इसके तहत बीजेपी चाहती है कि वह और शिवसेना 135-135 सीटों पर लड़ें और बाकी की सीटें महायुति के छोटे दलों को दे दी जाएं। हालांकि, शिवसेना को यह प्रस्ताव बिल्कुल पसंद नहीं आया है और उसका कहना है कि वह 150 से कम सीटों पर किसी भी सूरत में चुनाव नहीं लड़ेगी। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 119 और शिवसेना ने 169 सीटों पर चुनाव लड़ा था।