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डाउनलोड करेंपुणे। महाराष्ट्र अंधश्रध्दा निर्मूलन समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी मनीष नागोरी तथा विकास खंडेलवाल का नार्को टेस्ट कराने पर पुलिस विचार कर रही है। गौरतलब है कि 20 अगस्त 2013 को डॉ. दाभोलकर की गोलियां चलाकर हत्या की गई थी। घटना के पांच महीने बाद पुलिस ने नागोरी और खंडेलवाल को इस प्रकरण में गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय ने 28 जनवरी तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है। इस मामले में दोनों आरोपियों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर उन्हें फंसा रही है। वहीं पुलिस ने बैलेस्टिक रिपोर्ट के आधार पर दोनों की गिरफ्तारी किए जाने की बात कही है। साथ ही यह दावा भी कि है कि आरोपियों से ठाणे पुलिस ने जो तीन पिस्टल बरामद किए हैं उनमें एक 7.65 पिस्टल है। इसी पिस्टल से डॉ. दाभोलकर की हत्या की गई है। हालांकि उक्त पिस्टल पुणे पुलिस ने जब्त नहीं की है। पिस्टल जब्त करने के लिए पुलिस ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस दोनों का नार्को टेस्ट कराने का विचार कर रही है। मंगलवार को नागोरी ने खुद न्यायालय में कहा था कि हमारा नार्को टेस्ट कराया जाए।
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