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लापरवाही में आतंकी एजाज को गिरफ्तार कर छोड़ दिया था पुणे ATS ने

7 वर्ष पहले
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(सहारनपुर से गिरफ्तार आतंकी एजाज शेख की फाइल तस्वीर)
 
पुणे। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। एक बड़े अंग्रेजी अखबार के मुताबिक आतंकी शेख को पुणे एटीएस ने इससे पहले भी एक बार गिरफ्तार किया था, लेकिन एटीएस की लापरवाही के चलते शेख आसानी से बच निकलने में कामयाब हो गाय था।
 
शेख को पुणे के जर्मन बेकरी धमाके के मामले में साल 2010 में हिरासत में लिया गया था। उसे उसका स्केच भी दिखाया गया और उसने अपने स्केच को पहचानने से साफ इनकार किया था और इसके बाद एटीएस ने उसे आसानी से जाने दिया था। शेख को लेकर एटीएस की इस गलती को पुलिस इतिहास की सबसे बड़ी गलतियों के रूप में देखा जा रहा है।
 
आतंकी एजाज शेख को पुलिस की स्पेशल शाखा ने 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से इंडियन मुजाहिदीन को संसाधन मुहैया करवाने, जामा मस्जिद, पुणे जर्मन बेकरी और वाराणसी शीतला घाट धमाकों के बाद मीडिया संस्थानों को ईमेल भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
 
पुलिस ने बिना पड़ताल के जाने दिया था 
 
शेख को दिसंबर 2010 में पुणे एटीएस ने दो बार हिरासत में लिया था। पहली बार उसे सिर्फ \'सख्त चेतावनी\' देकर छोड़ दिया गया। फरवरी 2014 में वह नेपाल भाग गया। दूसरी बार जब पुणे एटीएस ने उसे पकड़ा तो उसे एक पासपोर्ट साइज तस्वीर और स्केच देकर संदिग्ध की पहचान करने को कहा गया। उसने अपने ही स्केच को अपना मानने से मना कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया और कहा कि अगर उसे इस बारे में कोई सूचना मिले तो वह जरूर बताए। शेख ने खुद जांच में यह बात स्वीकार की है।
 
फर्जी आईडी और हवाला के पैसे पहुंचाता था 
 
जांच में यह भी सामने आया है कि एजाज शेख आतंकियों के लिए फर्जी आईडी बनाने का काम करता था, जिस पर वे सिम कार्ड लेते थे और हवाला का पैसा उठाते थे।
 
आतंकी भटकल को इसी तरह छोड़ दिया था पुलिस ने 
 
इससे पहले शेख के आका रहे यासिन भटकल को कोलकाता पुलिस ने दिसंबर 2009 में छोटी-मोटी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। मगर उसे बाद में बिना सही कार्रवाई के छोड़ दिया। इस गलती का खामियाजा कई लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसी ही गलती उसके आका अहमद जरार सिद्धिबप्‍पा उर्फ यासिन भटकल के साथ की थी, जो अब जेल में बंद है।