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'राजनीति में कोई भी छोटा या बड़ा भाई नहीं होता, सहयोगी होते हैं'

7 वर्ष पहले
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(महाराष्ट्र के पार्टी मामलों के प्रभारी भाजपा नेता राजीव प्रताप रुड़ी की फाइल तस्वीर)
पुणे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सीटों की बंटवारे को लेकर शिवसेना-भाजपा गठबंधन में विवाद खुल कर सामने आ गया है। महाराष्ट्र के पार्टी मामलों के प्रभारी भाजपा नेता राजीव प्रताप रुडी ने शिवसेना के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि अगर सत्ता में महायुति आती है तो मुख्यमंत्री शिवसेना से ही होगा। रुडी ने यह साफ़ कर दिया है कि राजनीति में कोई बड़ा या छोटा भाई नहीं होता, सभी सहयोगी होते हैं।
पुणे के एक कार्यक्रम में राजीव प्रताप रुडी ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे उस लेख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि,चुनाव और वार्ता से पहले ऐसे बयानों से परहेज करना वांछनीय है। 'उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों गठबंधन सहयोगियों ने अब तक मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर चर्चा नहीं की है। चुनाव के बाद इस मुद्दे पर फैसला होगा।' राज्य के 25 साल पुराने भगवा गठजोड़ में अनबन के बारे में पूछे जाने पर रुड़ी ने कहा कि भाजपा, शिवसेना से परिपक्व और सम्मानजनक समझदारी की उम्मीद करती है।'
रुडी ने कहा, 'चीजें बदल चुकी हैं। गठबंधन में कोई बड़ा या छोटा भाई नहीं है। हम सहयोगी हैं। सीटों की साझेदारी पर वर्तमान वार्ता के संदर्भ में उद्धव ठाकरे की परिपक्वता पर सवाल खड़ा करना गलत होगा, क्योंकि उन्होंने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन के बाद अपनी पार्टी के मामले संभाले हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक प्रस्ताव रखा है कि आरपीआई (आठवले) और राजू शेट्टी की स्वाभिमान पार्टी जैसे छोटे दलों को संबंधित हिस्सा देने के बाद शेष सीटें भाजपा एवं शिवसेना में बराबर-बराबर बांट दी जाए। इसके आधार पर, हम 135 सीटों पर लड़ने की उम्मीद करते हैं और शिवसेना के लिए भी उतनी ही सीटें होंगी।
रूडी ने बताया कि प्रदेश कोर कमेटी ने प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा की है। प्रत्याशियों की सूची 2-3 दिनों में केंद्रीय संसदीय समिति के पास भेजी जाएगी। 25 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका जा रहे हैं, इसके पहले उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी।