पुणे। तमाम अटकलों व खींचतान के बीच आखिर भाजपा की ओर से आरपीआई अध्यक्ष रामदास आठवले को राज्यसभा की उम्मीदवारी देने की अधिकृत घोषणा की गई। आठवले मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
लोकसभा में भाजपा के उपनेता गोपीनाथ मुंडे, विधान परिषद में विपक्ष के नेता विनोद तावड़े और प्रदेशाध्यक्ष देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिती में राज्यसभा के लिए आठवले के नाम की घोषणा की गई। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर की जगह आठवले को दी गई है। जावड़ेकर को फिर से उम्मीदवारी देने की चर्चा थी। लेकिन केंद्रीय समिति ने आठवले के नाम पर मुहर लगाई है। इससे पहले भाजपा कोटे से मध्यप्रदेश या बिहार से आठवले को राज्यसभा की उम्मीदवारी देने की बात चल रही थी। लेकिन मध्यप्रदेश और बिहार पार्टी संगठन की ओर से ऐतराज जताया गया था। आखिरकार दलित वोटबैंक को ध्यान में रखते हुए आठवले को महाराष्ट्र से राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया। इसके साथ ही आरपीआई को एनडीए गठबंधन में शामिल करने का रास्ता भी साफ हो गया है।
पार्टी प्रदेश कार्यालय में मुंडे ने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश भाजपा की ओर से आठवले को उम्मीदवारी देने की सिफारिश की गई थी। पार्टी महामंत्री अनंत कुमार ने फैक्स के जरिए आठवले को प्रत्याशी बनाने की सूचना दी है। मुंडे ने कहा कि डॉ. बाबासाहब आंबेडकर को मुंबई में पराजित किया था। तब जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने आंबेडकर को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा में भेजा था। आज पुराना इतिहास फिर दोहराया जा रहा है। आठवले ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार
नरेंद्र मोदी और शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे का आभार माना है। आठवले ने कांग्रेस-राकांपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने का दावा किया है।