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शिवसेना और भाजपा ने हमारी पीठ में छुरा घोपा है: सदाभाउ खोट

7 वर्ष पहले
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(एसएसपी नेता सदाभाउ खोट की फाइल तस्वीर)
मुंबई। सीटों के बंटवारे से नाराज महायुति के विरोधी दलों ने शिवसेना-भाजपा के खिलाफ आवाज बुलंद कर ली है। महायुति के तीन सहयोगि दलों ने शिवसेना-बीजेपी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए इसे पीठ में छुरा घोपना बताया है। बीजेपी-शिवसेना को अभी भी उम्मीद है कि महायुति के सहयोगी दलों को शाम तक मना लिया जाएगा।
सूत्रों की माने तो महायुति के सहयोगी दल बीजेपी-शिवसेना से अलग होकर चुनाव लड़ सकते हैं। एसएसपी नेता सदाभाउ खोट के मुताबिक इस बारे में शाम तक कोई बड़ी घोषणा हो सकती है। इस मौके पर एसएसपी नेता सदाभाउ खोट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि,‘शिवसेना और भाजपा ने हमारी पीठ में छुरा घोपा है। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।' आगे खोटे ने कहा, ‘हम आज शाम अपने उम्मीदवारों की साझा सूची घोषित करेंगे।’ उन्होंने कहा कि भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे उन्हें महायुति में लेकर आये थे। ‘हमने उन पर विश्वास किया और महायुति में आ गये। लेकिन उनके (शिवसेना एवं भाजपा) के मकानों की आग बुझाने के प्रयास में हमारा मकान जलाया जा रहा था।’
सूत्रों की माने तो अगर बीजेपी-शिवसेना छोटे दलों की सीटों में कटौती करती है तो एसएसपी, आरएसपी एवं शिवसंग्राम महायुति छोड़कर अकेले विधानसभा चुनाव लड़ सकती है।
यह था बीजेपी-शिवसेना का फार्मूला
इस फार्मूले के मुताबिक शिवसेना 151, बीजेपी 130 और सहयोगी दलों के सात सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव है। सूत्र के मुताबिक बीजेपी-शिवसेना सहयोगी दलों को इस नए फार्मूले के तहत मनाने के लिए प्रयास कर रही है।
इन सहयोगी दलों ने नहीं माना समझौता

छह दलों के गठबंधन 'महायुति' में शिवसेना, बीजेपी के अलावा चार सहयोगी पार्टी आरपीआई, शिवसेना स्वाभिमानी शेतकारी संगठन, आरएसपी और शिव संग्राम हैं। इनमें से आरपीआई, शिवसेना स्वाभिमानी शेतकारी संगठन, आरएसपी और शिव संग्राम ने इस समझौते को मानने से इनकार कर दिया है।
मीटिंग बीच में छोड़कर चले गए कई नेता
सहयोगी दलों को जब नए समझौते के बारे में बताया गया वह नाराज हो गए। आरपीआई नेता रामदास अठावले, आरएसपी के माधव जनकर, एसएसपी के राजू शेट्टी और शिवसंग्राम के नेता विनायक मेटे बातचीत से बीच में ही उठकर चले गए। शिवसेना के प्रवक्ता एवं सांसद संजय राउत ने बाद में कहा कि मतभेदों को दूर करने के लिए बुधवार को भी बैठकें होंगी।