पुणे। कैंसर रोगियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। 18 साल से कम आयु के किशोर भी इस रोग की चपेट में आ रहे हैं। टाटा कैंसर अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 9 साल में 18 साल से कम आयु के रोगियों की संख्या में 200 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। जबकि कुल रोगियों की सख्या में भी 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
आरटीआई कार्यकर्ता मनोरंजन राय की तरफ से हासिल की गई जानकारी के अनुसार 2005 में 18 साल से कम उम्र के 1179 रोगी अस्पताल में रजिस्टर किए गए थे। 2013 में यह संख्या बढ़कर 3602 हो गई। पिछले साल महाराष्ट्र के बाद सबसे ज्यादा कैंसर रोगी उत्तर प्रदेश से देश के इस सबसे बड़े कैंसर अस्पताल में इलाज कराने के लिए आए। 2013 में उत्तर प्रदेश से 4 हजार 249, पश्चिम बंगाल से 3289 व बिहार से 2372 मरीज इलाज के लिए आए। जबकि महाराष्ट्र के 25 हजार 713 मरीजों का पंजीकरण अस्पताल द्वारा किया गया। डा. आरके देशपांडे के अनुसार कैंसर रोगियों की संख्या हर जगह बढ़ रही है। इधर 19 साल से कम उम्र के रोगियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कैंसर रोगियों की संख्या बढऩे का एक कारण यह भी है कि स्वास्थ्य जांच संबंधित अत्याधुनिक उपकरणों की वजह से इस रोग की पहचान जल्द होने लगी है। डा. देशपांडे कहते हैं कि कम उम्र के लोगों में कैंसर होने का कारण बढ़ता रेडिएशन, प्रदूषण, खानपान और बदलती जीवन शैली भी हो सकता है। युवाओं में गुटखा-पान मसाला की बढ़ती लत भी मुख कैंसर का कारण बन रहा है।
बढ़ रहे हैं स्तन कैंसर के रोगी
आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार महिलाओं में स्तन कैंसर भी तेजी से बढ़ रहा है। 2005 में 27 हजार 48 स्तन कैंसर की मरीज टाटा अस्पताल में इलाज के लिए आई थीं। 2013 में इनकी संख्या बढ़ कर 40 हजार 176 हो गई।
कैंसर मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी