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अब पश्चिम महाराष्ट्र में फैल रहा है टोल विरोधी आंदोलन

8 वर्ष पहले
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पुणे। टोल टैक्स के विरोध में किए जा रहे आंदोलन का सिलसिला अब कोल्हापुर के साथ पश्चिम महाराष्ट्र के अन्य जिलों में भी शुरू होते दिखाई दे रहा है। सोलापुर में बहुजन समाज पार्टी ने शहर के टोल नाके बंद करने की मांग करते हुए आंदोलन किया। वहीं दूसरी ओर सांगली जिला बंद रख टोल का विरोध जताया गया। बसपा के तीन पार्षद तथा पांच सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सड़क पर उतर कर टोल वसूली का विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने सोलापुर-बार्शी टोल नाका बंद करवाया तथा वाहन चालकों से टोल नहीं देने का अनुरोध भी किया। इस आंदोलन को वाहन चालकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पार्टी के पार्षद आनंद चंदनशिवे ने कहा कि सोलापुर स्थित खराब सड़कों की पहले मरम्मत की जाए। एमईपी कंपनी ने विगत आठ वर्षों में नागरिकों से कई करोड़ों रुपए वसूल किए हैं। अब नागरिकों से जो टोल वसूला जा रहा है उसे स्थायी तौर पर रोक दिया जाए। अन्यथा आंदोलन अधिक तीव्र किया जाएगा। वहीं सांगली जिले में भी कृष्णा ब्रिज के लिए वसूले जा रहे टोल के विरोध में सभी राजनीतिक दल, नागरिक सड़कों पर उतरे हुए थे।

सुबह टोल के विरोध में प्रदर्शन किया गया।

टोल के विरोध में बुधवार को सांगली जिला बंद रखा गया था। होटल, दुकान बंद रखी गई थी। व्यापारियों ने भी अपना व्यापार बंद रखा था। बंद में नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। आंदोलन में वरिष्ठ समाजवादी नेता एन. डी. पाटील भी शामिल हुए । उन्होंने कहा कि अशोका कंपनी द्वारा सांगली में कृष्णा ब्रिज निर्माण किया है। ब्रिज निर्माण करने के लिए सात करोड़ रुपए का खर्चा आया है। इसके बावजूद कंपनी ने अभी तक 125 करोड़ रुपए वसूले हैं। इसलिए अब टोल तत्काल बंद होना चाहिए।