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पत्नी और बच्चों से लिपटकर बोला किसान, मरना नहीं चाहता लेकिन अब कोई चारा नहीं

7 वर्ष पहले
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जलगांव। जिले के जामनेर तहसील में दो किसानों द्वारा आत्महत्या करने का मामले सामने आए है। इसमें से एक किसान ने खेत में ही जहर पीकर आत्महत्या की। इस किसान ने जहर पीकर अपने परिवार वालों से कहा कि मुझे मरना अच्छा नहीं लग रहा है, लेकिन क्या करुं मेरा जीना मुश्किल हो गया है।
जामनेर तहसील के केशरीमल गुलाब नाइक (45) नामक किसान के पास दो एकड़ जमीन थी। पिछले साल उन्होंने पानी के लिए कुवा खुदवाया लेकिन पानी नहीं आया। इस बार डेढ़ एकड़ जमीन पर कपास की बुआई की लेकिन फसल नहीं हुई। कुवा बनवाने और कपास की बुआई के लिए उन्होंने साहुकार और सहकारिता सोसाइटी से बड़ा कर्ज लिया था जिसे वह लौटा नहीं पाया।
नाइक के परिवार का कहना है कि कर्ज के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई थी। रोजमर्रा के खर्च के लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे। मरने से पहले वह अपने खेत में गए और जहरीला दवा पी ली और जब वह घर लौटे तो उन्हें चक्कर और उल्टियां होने लगी। इसके बाद उन्होंने पत्नी और बच्चों को पास बुलाकर बताया कि उन्होंने जहर पी लिया है। केशरीमल ने पत्नी से कहा कि मैं मरना नहीं चाहता लेकिन मेरा जीना मुश्किल हो गया है।
पति की हालत देखकर पत्नी जोर-जोर से रोने लगी उसकी आवाज सुनकर पड़ोस के लोग वहां पर आए और उन्होंने तुरंत केशरीमल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन इलाज के पहले ही उनकी मौत हो गई।