(शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की फाइल तस्वीर)
मुंबई। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना का 25 सालों पुराना गठबंधन क्या टूटा नए-नए समीकरणों के जन्म लेने की संभावनाएं बनने लगी हैं। इस अलगाव की वजह से एक दूसरे के धुर विरोधी कहे जाने वाले राज और उद्धव ठाकरे भी अब करीब होते नजर आ रहे हैं। सूत्रों की माने तो बीजेपी द्वारा महायुति की छोटी पार्टियों को अपनी तरफ मिला लेने के बाद अब शिवसेना मनसे से हाथ मिला सकती है। इसी कड़ी में आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से बात की।
उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे से उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली हो लेकिन उनकी बातचीत को सियासी पहलू से जोड़कर देख जा रहा है। हालांकि राज ठाकरे द्वारा उद्धव से फोन पर बात करने की खबरों को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए शिवसेना ने इसे सिर्फ एक शिष्टाचार बातचीत बताया। शिवसेना प्रवक्ता के मुताबिक राज ठाकरे की तबियत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही है और उनका हाल चाल जानने के उद्धव ठाकरे ने फोन किया है।
राजनीति के जानकारों का कहना है कि अगर यह दोनों पार्टियां महाराष्ट्र में मिल कर चुनाव लड़ती हैं तो परिणाम कुछ और ही हो सकते हैं।कई शिवसेना नेताओं का कहना है कि शिवसेना और मनसे की विचारधारा एक ही है। दोनों पार्टियां मराठी मानुस( मराठी लोगों) के हित में आवाज उठाती है। दोनों पार्टियों के आदर्श बालासाहेब ठाकरे हैं। इसलिए दोनों भाईयों को अब एक होना चाहिए।
गौरतलब है कि भाजपा से अलग होने के बाद शिवसेना महाराष्ट्र में लगभग अकेली पड़ चुकी है। कांग्रेस को एनसीपी से अलग होने के बाद एसपी का साथ मिल गया है वहीं भाजपा को राज्य की लगभग सभी छोटी पार्टियों का साथ मिल रहा है। ऐसे में सिर्फ एमएनएस ही है जो शायद शिवसेना के साथ खड़ी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना को मजबूती मिलेगी।