(विधायक विजयराव खड़से मुंबई की सड़कों पर बैठ कर खाना खाते हुए)
पुणे। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 198 यानी 70 प्रतिशत ऐसे विधायक हैं जो करोड़पति हैं। इन विधायकों की औसत संपत्ति 4.51 करोड़ रुपए है, साथ ही 103 ऐसे विधायक हैं जिनकी संपत्ति लाखों में हैं। इतने करोड़पति और लखपति विधायकों वाले महाराष्ट्र में एक विधायक ऐसा भी है जिसके पास सिर्फ 1 हजार रुपए की पूंजी है। Polictical Fever@महाराष्ट्र सीरीज में हम आपको महाराष्ट्र के सबसे कम संपत्ति वाले विधायक विजयराव खड़से के बारे में बताने जा रहे हैं। अपने साधारण व्यक्तित्व की वजह से विजयराव खड़से आम लोगों में बेहद लोकप्रिय हैं। उनका मुंबई में एक ठेले पर खाना खाने का मामला बेहद लोकप्रिय हुआ था।
खड़से की पत्नी के पास सिर्फ एक मंगलसूत्र
जिस एक हजार रुपए से आप सिनेमा के दो टिकट या फिर एक दिन का रेस्टोरेंट में खाना खा लेते हैं उतने ही रुपयों के मालिक हैं महाराष्ट्र की उमरखेड़ विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने विजयराव खड़से। 2009 के विधानसभा चुनाव में दायर हलफनामे के मुताबिक खड़से के पास 1 हजार कैश और उनकी पत्नी के पास 15 ग्राम का सोने का मंगलसूत्र है। विधायक बनने के बाद भी काफी दिनों तक उनके पास कोई
मोबाइल फोन नहीं था।
कैंटीन चलाया करते थे खड़से
दसवीं तक पढ़े खड़से राजनीति में आने से पहले एक चीनी मिल में छोटी सी चाय की कैंटीन चलाया करते थे। खड़से के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे शामिल हैं। वह अपने परिवार का खर्च अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और मित्रों द्वारा दिए गए सहायता राशि से चलाते हैं।
ठेले पर खाने की खबर ने बटोरी थी सुर्खियांं
मुंबई के चर्चगेट पर सड़क किनारे खड़े होकर एक ठेले पर खाना खाने वाली उनकी तस्वीरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। विधायक बनने के बाद विधायक विजयराव खड़से ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके पास कुछ भी नहीं है, उनके शरीर पर कपड़े, उनकी घड़ी और उनकी कलम सब कुछ उनके दोस्तों द्वारा दी गई हैं।
आम लोगों में बेहद लोकप्रिय हैं विजयराव खड़से
खड़से ने बीजेपी के राजू नजरधाने को 7375 से हराया था। विजयराव अपने आप को हमेशा जमीन से जुड़ा हुआ नेता बताते हैं। स्थानीय लोगों की माने तो वह उनसे कभी भी अपनी समस्या को लेकर मिल सकते हैं। उनके इसी रूप के चलते उन्होंने अपने इलाके में बहुत कम समय में अच्छी लोकप्रियता हासिल कर ली।
चंदे के पैसे से लड़ा था चुनाव
चुनाव प्रचार के दौरान भी खड़से ने अपनी जेब से एक रुपए नहीं खर्च किया। सूत्रों की माने तो कांग्रेस पार्टी ने उनके चुनाव प्रचार का पूरा खर्च उठाया था। खड़से को विधानसभा का टिकट उस समय के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष माणिकराव ठाकरे के प्रयास से ही मिला था। खड़से ने बड़ी-बड़ी चुनावी सभाओं की जगह घर-घर जा कर चुनाव प्रचार पर ज्यादा जोर दिया था।
किसानों की आवाज उठाने वाले नेता
अपने पांच साल के कार्यकाल में विजयराव ने किसानों के हितों के लिए विधानसभा में कई बार आवाज उठाई और कई बार उनके आंदोलन में शामिल हुए। विदर्भ में सूखे की मार झेल रहे किसानों की आवाज उठाने वाले नेताओं में विजयराव का नाम सबसे पहले लिया जाता है।
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