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गुटखा तस्करी के लिए अपराधी तत्व सक्रिय

9 वर्ष पहले
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नागपुर। प्रतिबंध के बाद गुटखा तस्करी के लिए गिरोह तैयार होने लगे हैं। खबर है कि प्रापर्टी व्यवसाय में सक्रिय रहे कुछ अपराधी तत्वों ने बैठक लेकर तस्करी की कार्ययोजना पर चर्चा की है। योजना के तहत कुछ अपराधी छत्तीसगढ़ में जा डटे हैं और गुटखा उत्पादकों तक पहुंच भिड़ाने लगे हैं। साथ ही नागपुर में इस व्यवसाय से जुड़े नये-पुराने व्यापारियों को एजेंट के तौर पर काम करने के लिए कहा जा रहा है। सेंट्रल एवेन्यू के एक होटल में इस संबंध में विशेष बैठक होने की भी खबर है। बताया जाता है कि गुटखा पाउच की सुलभ तस्करी के लिए बोरों की जगह पेटी में पाउच भरा जा रहा है। पुलिस, चुंगी व खाद्यान्न औषधि विभाग के कुछ लोगों से भी इस व्यवसाय में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। हत्या, अपहरण जैसे अपराधों में लिप्त रहे तत्वों की सक्रियता ने व्यवसायियों में हलचल मचा दी है। फिलहाल इस बारे में कोई भी खुलकर नहीं बोल पा रहा है। गुटखा बंदी के तहत पुराने माल को रफा-दफा करने के लिए व्यवसायियों को अभी कुछ दिनों की मोहलत मिली है। लिहाजा व्यवसायियों ने स्टॉक कम करना शुरु कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि गुटखा की ट्रांसपोर्टिग का नये सिरे से नया मार्ग बनाने पर कुछ लोगों ने विचार किया है। नागपुर में अब तक भुसावल, पुणो, मुंबई से प्रमुख ब्रांड का गुटखा आते रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनउ व गुजरात के अहमदाबाद से गुटखा अधिकाधिक मात्रा में आते रहा है। दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र से भी गुटखा आते रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षो से छत्तीसगढ़ प्रमुख उत्पादन केंद्र के रुप में उभरा है। बिलासपुर व राजनांदगांव से सटे गांवों में ब्रांडेड कंपनी का गुटखा उत्पादित होता है। सूत्र बताते हैं कि उत्पादन जहां कहीं भी हो पर वितरण केंद्र नागपुर ही रहा है। यहां के बड़े व्यापारी पूरी वितरण प्रक्रिया को संभाले हुए हैं। मध्यप्रदेश में पहले ही गुटखा बंदी लागू कर दी गई है, लेकिन अंदरुनी तौर पर वहां गुटखा सप्लाई जारी है। बताया जाता है कि बंदी के कारण जहां मुख्य व्यापारियों ने गुटखा वितरण से हाथ झटक लिया, वहीं कुछ अपराधी तत्व सक्रिय हो गए। गोंदिया, नागपुर होते हुए मप्र में गुटखा भेजा जाता रहा है। ब्रांडेड कंपनी का एक बोरी गुटखा 15 हजार रुपये में पहले उपलब्ध होते रहा हो तो वह बंदी में 30 हजार में मिलता है। प्रति बोरी सीधे 15 हजार रुपये के हिसाब से भी देखें तो एक ट्रिप में ही लाखों की कमाई हो जाती है। इस कमाई का अनुभव ले चुके अपराधियों ने नागपुर के बड़े अपराधियों से संपर्क कर पूरे व्यवसाय का गणित समझा दिया है। सूत्र बताते हैं कि शहर में बी वर्ग के गुटखा व्यापारियों की मदद से गुटखा तस्करी को बढ़ावा देने का प्रयास चल रहा है। छत्तीसगढ़ मार्ग पर गुटखा तस्कर सक्रिय होने लगे हैं।

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