250 से ज्यादा सराफा दुकानें बंद, 3 करोड़ का कारोबार प्रभावित
सराफा व्यवसायियों ने बुधवार को पेन कार्ड की अनिवार्यता का विरोध जताते हुए दिनभर प्रतिष्ठान बंद रखे। कलेक्टोरेट के सामने धरना दिया। इसके बाद व्यवसायियों ने एडीएम पवन जैन को ज्ञापन सौंपकर पेन कार्ड की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग रखी। जिलेभर में 250 व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। इससे 3 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। प्रदर्शन में एसोसिएशन जिलाध्यक्ष नवीन तातेड़, सचिव अरुण गोठी समेत अन्य पदाधिकारी व सराफा व्यवसायी मौजूद थे।
व्यापारियों ने ढोलक बजाकर अनोखा प्रदर्शन किया।
आगे क्या: रणनीति बनाकर जताएंगे विरोध
सराफा एसोसिएशन के सचिव अरुण गोठी का कहना है मप्र एसोसिएशन के आव्हान पर एक दिन दुकानें बंद रखकर शांतिपूर्ण रूप से प्रदर्शन किया है। इसके बाद भी कोई सुनवाई न होने पर मप्र एसोसिएशन के आव्हान पर आगे रणनीति बनाकर नए नियम का विरोध जताया जाएगा।
यह बताए दुष्परिणाम
सराफा व्यवसायियों ने कहा इससे ऑफिसर राज और भ्रष्टाचार बढ़ेगा। विधि सम्मत संगठित व्यवसाय समाप्ति की दिशा में चल पड़ेगा।
असंवैधानिक रूप से नकद व्यवसाय होगा, असंगठित और नियम विरुद्ध कार्य करने वालों के हाथों में व्यापार चलेगा।
राजस्व में कमी आएगी और काले धन में वृद्धि होगी।
व्यवसाय से जुड़े हस्त शिल्पकार, स्वर्णकार और व्यापारी प्रभावित होंगे।
व्यवसाय पर पड़ेगा असर
ज्ञापन में कहा, 2 लाख रुपए से ऊपर के लेनदेन पर पेन कार्ड आवश्यक होने से सोने, चांदी और र|ों के व्यवसाय के लिए घातक परिणाम होंगे। विवाह और त्यौहारों पर जेवर बेचने, बदलवाना, नए जेवर खरीदना निरंतर चलता रहता है। लोग इसे आकस्मिक आर्थिक व्यवस्था के समय धन के संग्रह का साधन होता है। इसमें सामान्य वर्ग और आम नागरिक भी आते हैं।
नाराजगी का यह कारण
सरकार ने 2 लाख रुपए के जेवर की खरीदी, बिक्री पर पेन कार्ड अनिवार्य किया है। पहले 5 लाख पर लगता था। इसके अलावा ग्राहक के पास पेन कार्ड नहीं है, उसे लेन-देन करने में दुकानदार को ग्राहक से 60-61 नंबर का फार्म भरवाकर जानकारी आयकर को देना होगा। जो व्यवसाय के लिए असंभव है। जानकारी मांगने पर ग्राहक प्रतिष्ठान में नहीं आएंगे।