भगवान कारागृह में भी प्रगट हो जाते हैं: शर्मा
भगवान कारागृह में भी प्रगट हो जाते हैं: शर्मा
बैतूल|भगवान के प्रगट होने का कोई स्थान निश्चित नहीं होता, जब सच्चे भक्त वासुदेव जिसके भीतर-बाहर देव बस देव हो जो देवकी दास, देव की ध्यान, देव का ही चिंतन करे तो भगवान केवल मंदिर या तीर्थ में ही नहीं कारागृह में भी आधी रात को प्रगट हो जाते हैं। यह बात भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित सुखदेव शर्मा ने व्यक्त किए।
श्री शर्मा ने कहा हमारे मन में ईश्वर के प्रति सच्ची चाहत हो, तन गोकुल बने फिर सच्चिदानंद अर्थात आनंद ही आनंद है।
आयोजक कन्हैयालाल बाबा ने सभी से कथा लाभ लेने का आग्रह किया है।
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