पत्नी को जलाकर मारने वाले पति को 10 साल की सजा
गर्भवती प|ी को आग के हवाले करने वाले दहेजलोभी पति को न्यायालय ने दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। नंदना मंडल का विवाह पाथाखेड़ा निवासी प्रवीर मंडल से 2010 में हुआ था। विवाह के बाद प्रवीर मंडल 1 लाख रुपए दहेज की मांग कर रहा था। गर्भवती होने के बावजूद आरोपी उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। 4 अक्टूबर 2010 को जब नंदना मंडल अपने ससुराल पाथाखेड़ा में थी तो आरोपी ने उसे मिट्टी का तेल डालकर आग के हवाले कर दिया। जिस समय नंदना को आग के हवाले किया गया उस समय उसे 7 महीने का गर्भ था। मृतका के मायके वालों ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी आरोपी प्रवीर मंडल लंबे समय से दहेज की मांग कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रवीर मंडल पर आईपीसी की धारा 304 बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। इस मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश बैतूल सुमन श्रीवास्तव ने धारा 304 बी का आरोप सिद्ध पाते हुए निर्णय सुनाया। आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपी को 1 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा। शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता बलराम कुंभारे पैरवी कर रहे थे।
1 लाख मांग रहा था, 10 हजार रुपए दिए थे
मृतका के मायके वालों ने बयान दिया था आरोपी उनसे 1 लाख रुपए मांग रहा था। इसमें से उसे 10 हजार रुपए दिए भी जा चुके थे। लेकिन इसके बावजूद वह रात दिन प्रताड़ित कर रहा था।