पांच सालों के पेपर हल नहीं कराए तो प्राचार्यों की सीआर होगी खराब
परीक्षा का समय नजदीक आने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रिजल्ट सुधारने स्कूलों में पढ़ाई को लेकर कसावट तेज कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने अब प्राचार्यों को अंग्रेजी, गणित, विज्ञान के पांच सालों के पेपर कापी में हल करवाने के निर्देश दिए हैं। इसमें होने वाली गलतियों से लाल पेन से गोला लगाकर दर्शाना है। ऐसा न होने पर शिक्षक व प्राचार्य की सीआर पर न केवल टीप अंकित की जाएगी बल्कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी जय श्री पिल्लई ने जिलेभर के हाईस्कूल प्राचार्योंं को जारी के निर्देश में कहा, स्कूल के शिक्षक प्राचार्य प्री-बोर्ड परीक्षा की कापी की जांच कर बच्चों को उनकी गलतियों से अवगत कराए। इस परीक्षा के परिणाम का विश्लेषण 13 फरवरी को पीटीए यानी पालक शिक्षक संघ की मौजूदगी में किया जाएगा। इसके अलावा डीईओ ने प्राचार्यो, शिक्षकों को कक्षा 10वीं के प्रश्न पत्र हल कराने का प्रमाणीकरण भी बीईओ के माध्यम से 16 फरवरी तक डीईओ में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
टीम करेगी जांच पड़ताल
डीईओ ने कहा, वर्ष 2011 से 2015 तक के पेपर छात्रों की कापियों में हल कराने की जांच गठित निरीक्षण टीम करेगी। इस दौरान गलतियों पर लाल स्याही से गोल लगे होने चाहिए और इस पर प्राचार्य, शिक्षक के हस्ताक्षर होने चाहिए। ऐसा न होने पर निरीक्षण टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
26 तक लगानी है क्लास
डीईओ ने शैक्षणिक गुणवत्ता में उन्नयन के लिए बोर्ड की नियमित अध्यापन कक्षाओं के साथ-साथ रेमेडियल और विशेष कक्षाएं नियमानुसार 26 फरवरी तक संचालित की जाए। रेमेडियल क्लासें नहीं लगने की दशा में कार्रवाई की जाएगी।