भोपाल. सरकारी विभागों में काफी समय से रुकी भर्ती की प्रक्रिया में फिर तेजी आने वाली है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने सभी विभागों, निगम-मंडल, निकायों और प्राधिकरणों से रिक्त पदों की सूची 30 सितंबर तक सौंपने को कहा है। इसके बाद भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक अनुमान के अनुसार आने वाले महीनों में सरकारी क्षेत्र में 10 से 15 हजार नई नियुक्तियां होने की संभावना है।
विभागों के ऐसे पदों की सूची मांगी गई है जिनकी भर्ती एमपी पीएससी द्वारा नहीं की जा सकती। उनकी परीक्षाएं व्यापमं द्वारा आयोजित करवाई जाएंगी। तकनीकी, गैर-तकनीकी, लिपिक, समेत अन्य पदों के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं।
व्यापमं के अध्यक्ष एमएम उपाध्याय का दावा है कि व्यापमं पूरे देश में सभी तरह की चयन और भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करने वाली बड़ी संस्था है। इसलिए अब फिर यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकारी कॉलेजों के अराजपत्रित पदों पर सीधी भर्ती भी व्यापमं जल्द करेगा।
इमेज मेकओवर की तैयारी
पिछले कुछ समय से विवादों में रहने वाले व्यापमं में अब इमेज मेकओवर की तैयारी चल रही है। पिछली गलतियों से सबक लेते हुए अब इस बात का प्रयास किया जा रहा है कि सिस्टम को फुल प्रूफ किया जाए। इसके लिए व्यापमं अगले माह एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। इसमें भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं को लेकर देशभर में हो रहे प्रयोगों व तकनीकों पर विचार-विमर्श होगा।
वर्षों से खाली हैं पद
प्रदेश के अधिकांश संभागों में कई वर्षों से पद खाली पड़े हुए हैं। विभाग परीक्षा करवाने से इसलिए कतरा रहे थे क्योंकि कोई सवाल न उठा दे। इसके अलावा भारी संख्या में आने वाले आवेदनों को संभालना भी बड़ी समस्या है।
हाल ही में कृषि विभाग ने चतुर्थ श्रेणी के चार पदों के लिए विज्ञापन निकाला था जिसके लिए सात हजार से ज्यादा आवेदन आए थे। इन सबसे बचने के लिए विभाग प्रमुख कम कर्मचारियों के साथ ही काम करना पसंद करते है।