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उसका चयन तो पहले से तय था

5 वर्ष पहले
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एक अन्य उम्मीदवार दीपक गुच्छाईत के लिए भी जबलपुर हाईकोर्ट ने बोर्ड को निर्देश दिए थे कि इलेक्ट्रिशियन पद की भर्ती करते समय दीपक के आवेदन पर भी विचार किया जाए। इसके बाद बोर्ड की कार्यपालक समिति ने 18-10-2011 को अपनी आठवीं बैठक में पूरन के नियमित नियुक्ति के प्रकरण को हरी झंडी दे दी। साथ ही उन्हें आयु में छूट का लाभ देने की बात कही थी। बोर्ड की छानबीन समिति ने 26 दिसंबर 2011 को दोनों उम्मीदवार पूरनलाल और दीपक का साक्षात्कार लिया। इसमें दीपक को 14 और पूरन को 16 अंक दिए गए। छानबीन समिति में आलोक कुमार निगम के अलावा आरएस मुजाल्दा वित्त अधिकारी, नितिन मोहिन्द्रा क्म्प्यूटर शाखा प्रभारी, सद्गुरू श्रीवास्तव सहायक स्थापना और केके सोनी उपनियंत्रक शामिल थे। इस तरह से अधिकारियों ने पूरन को इलेक्ट्रिशियन के नियमित पद पर नियुक्ति दे दी। गौरतलब है कि इलेक्ट्रिशियन के पद भरने के मामले में बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष रणवीर सिंह ने पूरन का पक्ष लिया था। बोर्ड में पूरन के 1997 से इलेक्ट्रिशियन का काम करने के कारण उन्होंने अपनी टीप मेें उसे प्राथमिकता दिए जाने को कहा था। इससे साफ जाहिर होता है कि आला-अधिकारियों की मंशा पहले से ही पूरन को बोर्ड में नियमित नियुक्ति देने की थी।

दोनों को मिले कुल अंको का लेखा-जोखा
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