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सुविधा पोर्टल से दूर होगी छात्रों की आवास समस्या

5 वर्ष पहले
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भोपाल/इंदौर डीबी स्टार

प्रदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए हर वर्ष करीब 3.5 लाख से अधिक अधिक छात्र कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। इनमें से लगभग पचास फीसदी छात्राें को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में जाना होता है। कॉलेज में एडमिशन के बाद बाहर से आए छात्रों के पास रहने-खाने की समस्या आती है। उन्हें कई बार जरूरत के मुताबिक रहने की जगह नहीं मिलती है। कभी अधिक किराया चुकाना पड़ता है, तो कभी संस्थान से दूर आवास लेना पड़ता है। इस तरह की समस्याओं का सामना अधिकांश छात्रों को करना पड़ता है।

जानकारी ऑनलाइन मिलेगी

इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा ने पहल की है। वह छात्रों को आवास सहायता सुविधा मुहैया कराने के लिए जल्द ही एप और वेब पोर्टल शुरू करने जा रहा है। इसके जरिये छात्रों को महज एक क्लिक पर आवास संबंधी उस शहर से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन मिल जाएगी। एप और पोर्टल पर यह पता चल जाएगा कि शहर के किस इलाके में कौन सा मकान खाली है।

छात्र नहीं होंगे परेशान

खाली मकान में क्या-क्या सुविधाएं हैं और उसके लिए कितना किराया चुकाना होगा। इसके अलावा शहर में जितने भी हॉस्टल हैं उनमें कमरा खाली है अथवा नहीं यह भी पता चल सकेगा। शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि इस दिशा में काम शुरू हो चुका है। इस मामले में शहर से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। उनका दावा है कि पोर्टल और एप के लिए साफ्टवेयर पर भी काम चल रहा है। विभाग की कोशिश है कि अागामी शैक्षणिक सत्र के पहले इसे लांच कर दिया जाए। इससे नए सत्र में कॉलेजों में बाहर से आकर प्रवेश लेने वाले छात्रों को मदद मिल सकेगी।

दूर होगी छात्रों की आवास संबंधी समस्या
 हर साल नए एडमिशन लेने वाले अधिकांश छात्रों को किराए के आवास या हॉस्टल की जरूरत रहती है। इसके लिए विभाग नया पोर्टल और एप बनाने जा रहा है। इस पोर्टल और एप से उनकी यह परेशानी दूर हो जाएगी।  उमाकांत उमराव, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग

मकान मालिक को विभाग के पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन
किराए से कमरा या मकान देने के इच्छुक मकान मालिकों को उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उनके आवास का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। यह भी पड़ताल की जाएगी कि जो सुविधाएं होेने की बात मकान मालिक ने कही है वे वहां पर उपलब्ध हैं अथवा नहीं। विभाग जब पूरी तरह से संतुष्ट हो जाएगा तो कागजी कार्रवाई होने के बाद संबंधित आवास की जानकारी पोर्टल पर डाली जाएगी। इस तरह पोर्टल पर यह जानकारी उपलब्ध होगी।

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