भोपाल

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कल्पना नगर पार्क में रहवासी सक्रिय

पार्कों में कहीं बढ़ी गाजरघास तो कहीं कीचड़ से हुए बुरे हाल, आवागमन ठप लगातार हो रही बारिश से जहां लोगों को...

Dainik Bhaskar

Jul 31, 2016, 02:15 AM IST
कल्पना नगर पार्क में रहवासी सक्रिय
पार्कों में कहीं बढ़ी गाजरघास तो कहीं कीचड़ से हुए बुरे हाल, आवागमन ठप

लगातार हो रही बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं कुछ दिक्कतें भी हो रही हैं। वे लोग जो सुबह से भेल के पार्कों में टहलने व जॉगिंग करने जाते हैं अब पार्क का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसका कारण है पार्क में गाजरघास का तेजी से पनपना। इसके साथ ही कीचड़ से भी बुरे हाल हैं। अविनाश नगर, अलकापुरी, साकेत नगर व अच्छी कॉलोनियों के पार्क अगर छोड़ दिए जाएं तो एक भी पार्क ऐसा नहीं कि जहां आसानी से लोग मॉर्निंग वॉक कर सकें। बारिश से पहले पार्कों की सफाई तक नहीं हुई है। अब बारिश के करीब दो हफ्ते बीतने को हैं और ऊंची लंबी घास और बारिश के चलते लोग पार्कों में जाने में भी कतराते हैं।

रहवासियों के अनुसार पार्कों को सुधारने की प्लानिंग कई बार बनी, लेकिन आज तक कार्य रूप में परिवर्तित नहीं हुई। कुछ अच्छी कॉलोनियों को छोड़ दिया जाए तो कई कॉलोनी ऐसी हैं जहां पार्क के लिए स्थान तो छोड़े गए, लेकिन पार्क विकसित नहीं किए। आज भी पार्क के लिए छोड़े गए स्थान या तो खाली पड़े हैं या उन पर निर्माण कार्य हो गए। इसके लिए रहवासी लगातार संघर्ष करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही कारण है कि भेल के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को पार्क की जगह बदहाल और व्यस्त ट्रैफिक वाली सड़कों पर ही मॉर्निंग वॉक करना पड़ रहा है। कई जगह तो सड़कों पर मॉर्निंग वॉक करने वालों को इतनी परेशानी है कि गड्ढे, दुर्गंध और भारी ट्रेफिक का सामना एक साथ करना पड़ रहा है। अयोध्या नगर, राजीव गांधी कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, रजत नगर, सोनागिरी, इंद्रपुरी, बाग सेवनियां, बाग मुगालिया जैसे क्षेत्रों में मॉर्निंग वॉक करने में लोगों को काफी परेशानी है।

सोनागिरी बी सेक्टर के इस पार्क को महिलाओं ने जनभागीदारी से पूरा करने का सोचा है, इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं

यहां लोगों ने खुद किया पार्क का विकास

अविनाश नगर में रहवासियों ने काफी प्रयास के बाद जनभागीदारी से पार्क को विकसित किया। इसके बाद एक्युप्रेशर ट्रैक बनवाने के साथ ही जाबरा सहित कई वेजिटेबल जूस की व्यवस्था भी कर दी। जूस की व्यवस्था तो बंद हो गई, लेकिन पाथ वे से मॉर्निंग वॉक के साथ ही स्वस्थ रहने की भी व्यवस्था हो गई। इसी प्रकार, अलकापुरी सभी सेक्टरों में आसपास रहने वालों ने ही पार्क विकसित किए और उसका मेंटेनेंस कर रहे हैं। एक सेक्टर के पार्क में तो महिलाओं ने आगे रहकर वहां किटी पार्टी के अनुसार व्यवस्था कर पार्क को काफी सुंदर रूप दे दिया है। यहां भी एक्युप्रेशर ट्रैक बना है। इसी प्रकार साकेत नगर के 2 ए सेक्टर में लोग जनभागीदारी से माधव बाल उद्यान का निर्माण कर उसका मेंटेनेंस भी कर रहे हैं। जबकि यहां के सभी सेक्टर में रहवासी स्वयं ही पार्क को मेंटेन किए हुए हैं। इससे लोगों को काफी सुविधा हो रही है।

जनभागीदारी से ही विकसित हो जाए पार्क

कल्पना नगर रहवासी कलयाण समिति के पदाधिकारी एक पार्क में सुधार कार्य के साथ पौध रोपण करते हुए



यहां बिगाड़ दी थी व्यवस्था

सोनागिरी सी सेक्टर में नगर निगम ने रहवासियों के द्वारा विकसित किए गए पार्क को पानी की टंकी बनाकर बर्बाद कर दिया था। स्थानीय पार्षद के सहयोग से पार्क को फिर सुधार कर पाथ वे बना दिया। रहवासियों का कहना है कि पार्क में लगी गाजरघास को जल्द से जल्द कटवाना चाहिए, ताकि लोग सुबह-शाम यहां आकर मार्निग वॉक व व्यायाम कर सकें। पार्क की हालत खराब होने से न तो बच्चों को इनका लाभ मिल रहा है न यहां के बुजुर्ग इसका लाभ ले पा रहे हैं।

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